क्षितिज(Kshitij-Textbook) (CBSE Class-10 Hindi): Questions 958 - 969 of 1777

Get 1 year subscription: Access detailed explanations (illustrated with images and videos) to 2295 questions. Access all new questions we will add tracking exam-pattern and syllabus changes. View Sample Explanation or View Features.

Rs. 1650.00 or

Passage

सवैया

पांयनि नूपुर मंजु बजैं, कटि किंकिन कै धुनि की मधुराई।

सांवरे अंग लसै पट पीत, हिये हुलसै बनमाल सुहाई।

माथे किरीट बड़े दृग चंचल, मंद हँसी मुखचंद जुन्हाई।

जै जग-मंदिर-दीपक सुदंर, श्रीब्रजदूलह ’देव’ सहाई।।

कवित्त

डार द्रुम पलना बिछौना नव पल्लव के,

सुमन झिंगूला सोहै तन छबि भारी दै।

पवन झूलावै, केकी-कीर बरतावैं ’देव’

कोकिल हलावै-हलसावै कर तारी दै।।

पूरित पराग सों उतारो करै राई नोन,

कंजकली नायिका लतान सिर सारी दै।

मदन महीप जू को बालक बसंत ताहि,

प्रातहि जगावत गुलाब चटकारी दै।।

कवित्त

फटिक सिलानि सौं सुधार्‌यों सुधा मंदिर,

उदधि दधि को सो अधिकाइ उमगे अमंद।

बाहर ते भीतर लौं भीति न दिखैए ’देव’

दूध को सो फेन फैल्यों आंगन फरसबंद।

तारा सी तरुनि तामें ठाढ़ी झिलमिली होति,

मोतिन की ज्योति मिल्यो मल्लिका को मकरंद।

आरसी से अंबर में आभा सी उजारी लगै,

प्यारी राधिका को प्रतिबिंब सो लगत चंद।।

Question number: 958 (10 of 13 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Textbook Questions » देव सवैया, कवित्त

Short Answer Question▾

Write in Short

’प्रातहि जगावत गुलाब चटकारी दै’-इस पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए।

Question number: 959 (11 of 13 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Textbook Questions » देव सवैया, कवित्त

Short Answer Question▾

Write in Short

चाँदनी रात की सुदंरता को कवि ने किन-किन रूपों में देखा है?

Question number: 960 (12 of 13 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Textbook Questions » देव सवैया, कवित्त

Short Answer Question▾

Write in Short

पहले सवैये में से उन पक्तिंयों को छाँटकर लिखिए, जिनमें अनुप्रास और रूपक अलंकार का प्रयोग हुआ है?

Question number: 961 (13 of 13 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Textbook Questions » देव सवैया, कवित्त

Short Answer Question▾

Write in Short

निम्नलिखित पक्तिंयों का काव्य -सौंदर्य स्पष्ट कीजिए-

Passage

सवैया

पांयनि नूपुर मंजु बजैं, कटि किंकिन कै धुनि की मधुराई।

सांवरे अंग लसै पट पीत, हिये हुलसै बनमाल सुहाई।

माथे किरीट बड़े दृग चंचल, मंद हँसी मुखचंद जुन्हाई।

जै जग-मंदिर-दीपक सुदंर, श्रीब्रजदूलह ’देव’ सहाई।।

Question number: 962 (1 of 9 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » देव सवैया, कवित्त

Short Answer Question▾

Write in Short

देव जी दव्ारा रचित उपरोक्त पद्यांश में उनके मुख रूपी चाँद पर हँसी की चाँदनी कैसी लग रही है।

Question number: 963 (2 of 9 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » देव सवैया, कवित्त

Short Answer Question▾

Write in Short

देव कवि द्वारा रचित प्रस्तुत पद्यांश में बाल कृष्ण के पैरों में पायल के घूँघरू कैसी आवाज़ में बज रहेे हैं।

Question number: 964 (3 of 9 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » देव सवैया, कवित्त

Short Answer Question▾

Write in Short

देव कवि द्वारा रचित प्रस्तुत पद्यांश में कृष्ण के साँवले शरीर पर पीले वस्त्र कैसे लग रहे है?

Question number: 965 (4 of 9 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » देव सवैया, कवित्त

Short Answer Question▾

Write in Short

प्रस्तुत पद्यांश किस कवि द्वारा रचित है?

Question number: 966 (5 of 9 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » देव सवैया, कवित्त

Short Answer Question▾

Write in Short

देव कवि द्वारा रचित प्रस्तुत पद्यांश में कृष्ण के हृदय पर क्या सुशोभित हो रहा है?

Question number: 967 (6 of 9 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » देव सवैया, कवित्त

Short Answer Question▾

Write in Short

देव जी दव्ारा रचित उपरोक्त पद्यांश में कृष्ण जी की आँखे कैसी है?

Question number: 968 (7 of 9 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » देव सवैया, कवित्त

Short Answer Question▾

Write in Short

देव कवि द्वारा रचित प्रस्तुत पद्यांश में कृष्ण जी के मस्तक पर क्या विराजमान हैं?

Question number: 969 (8 of 9 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » देव सवैया, कवित्त

Short Answer Question▾

Write in Short

देव जी दव्ारा रचित उपर्युक्त प्रसंग का भाव सौंदर्य क्या है?

f Page
Sign In