क्षितिज(Kshitij-Textbook) (CBSE Class-10 Hindi): Questions 927 - 937 of 1777

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Passage

पद

(1)

ऊधौ, तुम हौ अति बड़भागी।

अपरस रहत सनेह तगा तैं, नाहिन मन अनुरागी।

पुरइनि पात रहत जल भीतर, ता रस देह न दागी।

ज्यौं जल माहं तेल की गागरि, बूंद न ताकौं लागी।

प्रीति-नदी मैं पाउं न बोरयौ, दृष्टि न रूप परागी।

’सूरदास’ अबला हम भोरी, गुर चाँटी ज्यौं पागी।।

(2)

मन की मन ही मांझ रही।

कहिए जाइ कौ पै ऊधौ, नाहीं परत कही।

अवधि अधार आस आवन की, तन मन बिथा सही।

अब इन जोग सँदेसनि सुनि-सुनि, बिरहिनि बिरह दही।

चाहति हुतीं गुहारि जितहिं तैं, उत तैं धार बही।

’सूरदास’ अब धीर धरहिं क्यौं, मरजादा न लही।।

(3)

हमारैं हरि हारिल की लकरी।

मन क्रम बचन नंद-नंदन उर, यह दृढ़ करि पकरी।

जागत सोवत स्वप्न दिवस-निसि, कान्ह-कान्ह जक री।

सुनत जोग लागत है ऐसौ, ज्यौं करुई ककरी।

सु तौ ब्याधि हमकौं लै आए, देखी सुनी न करी।

यह तौ ’सूर’ तिनहिं लै, सौंपौ, जिनके मन चकरी।।

(4)

हरि हैं राजनीति पढ़ि आए।

समुझी बात कहत मधुकर के, समाचार सब पाए।

इक अति चतुर हुते पहिलैं ही, अब गुरु ग्रंथ पढ़ाए।

बढ़ी बुद्धि जानी जो उनकी, जोग-सँदेस पठाए।

ऊधौं भले लोग आगे के, पर हित डोलत धाए।

अब अपनै मन फेर पाइहैं, चलत जु हुते चुराए।

ते क्यौं अनीति करैं आपुन, जे और अनीति छुड़ाए।

राज धरम तौ यहै ’सूर’, जो प्रजा न जाहिं सताए।।

Question number: 927 (6 of 15 Based on Passage) Show Passage

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गोपियों ने अपने वाक्‌चातुर्य के आधार पर ज्ञानी उद्धव को परास्त कर दिया, उनके वाक्‌चातुर्य की विशेषताएँ लिखिए?

Question number: 928 (7 of 15 Based on Passage) Show Passage

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गोपियों ने उद्धव से योग की शिक्षा कैसे लोगों को देने की बात कही है?

Question number: 929 (8 of 15 Based on Passage) Show Passage

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’मरजादा न लही’ के माध्यम से कौन-सी मर्यादा न रहने की बात की जा रही है?

Question number: 930 (9 of 15 Based on Passage) Show Passage

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प्रस्तुत पदों के आधार पर गोपियों का योग-साधना के प्रति दृष्टिकोण स्पष्ट करें।

Question number: 931 (10 of 15 Based on Passage) Show Passage

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गोपियों दव्ारा उद्धव को भाग्यवान कहने में क्या व्यंग्य निहित है?

Question number: 932 (11 of 15 Based on Passage) Show Passage

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उद्धव दव्ारा दिए गए योग के संदेशों ने गोपियों की विरह अग्नि में घी का काम कैसे किया?

Question number: 933 (12 of 15 Based on Passage) Show Passage

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गोपियों ने उद्धव के सामने तरह-तरह के तर्क दिए हैं, आप अपनी कल्पना से और तर्क दीजिए।

Question number: 934 (13 of 15 Based on Passage) Show Passage

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गोपियों ने यह क्यों कहा कि हरि अब राजनीति पढ़ आए हैं? क्या आपको गोपियों के इस कथन का विस्तार समकालीन राजनीति में नज़र आता है, स्पष्ट कीजिए।

Question number: 935 (14 of 15 Based on Passage) Show Passage

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संकलित पदों को ध्यान में रखते हुए सूर के भ्रमरगीत’ की मुख्य विशेषताएँ बताइए?

Question number: 936 (15 of 15 Based on Passage) Show Passage

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गोपियों को कृष्ण में ऐसे कौन-से परिवर्तन दिखाई दिए जिनके कारण वे अपना मन वापस पा लेने की बात कहती हैं?

Question number: 937

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उन आश्रयदाताओं के नाम क्या-क्या हैं?

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