क्षितिज(Kshitij-Textbook) (CBSE (Central Board of Secondary Education- Board Exam) Class-10 Hindi): Questions 1742 - 1752 of 1777

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Passage

यह दंतुरित मुसकान

(1)

तुम्हारी यह दंतुरित मुसकान

मृतक में भी डाल देगी जान

धूलि-धूसर तुम्हारे ये गात……

छोड़कर तालाब मेरी झोंपड़ी में खिल रहे जलजात

परस पाकर तुम्हारा ही प्राण,

पिघलकर जल बन गया होगा कठिन पाषाण

छू गया तुमसे कि झरने लग पड़े शेफालिका के फूल

बांस था कि बबूल?

तुम मुझे पाए नहीं पहचान?

देखते ही रहोंगे अनिमेष!

थक गए हो?

आँख लूँ मैं फेर?

क्या हुआ यदि हो सके परिचित न पहली बार?

यदि तुम्हारी माँ न माध्यम बनी होती आज

मैं न सकता देख

मै न पाता जान

तुम्हारी यह दंतुरित मुसकान

Question number: 1742 (4 of 13 Based on Passage) Show Passage

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नागार्जुन द्वारा रचित प्रस्तुत प्रसंग में कवि ने बच्चे का मिट्‌टी से सना हुआ शरीर की उपमा किससे दी है?

Explanation

नागार्जुन द्वारा रचित प्रस्तुत प्रसंग में कवि ने बच्चे का मिट्‌टी से सना हुआ शरीर की उपमा कवि ने कमल तालाब को छोड़कर मेरी झोपड़ी में खिल रहे हो, ऐसा कहा है।

क्योंकि-बच्चे की सुंदरता में जितनी भी उपमा दो कम है क्योंकि वह अत्यधिक सुंदर है।

प्रसंग: - प्रस्तुत… (367 more words) …

Question number: 1743 (5 of 13 Based on Passage) Show Passage

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नागार्जुन द्वारा रचित प्रस्तुत प्रसंग में कवि ने बच्चों के नये-नये दाँतों की मधुर मुसकान को देखकर क्या कहा हैं?

Explanation

नागार्जुन द्वारा रचित प्रस्तुत प्रसंग में कवि ने बच्चों के नये-नये दाँतों के स्वरूप उनकी मीठी मुसकान को देखकर एक मरे हुए व्यक्ति के शरीर में भी प्राणों का संचार हो जाता है अर्थात उस छोटे बच्चे की दंतरूप हँसी इतनी मनमोहक है कि उस हँसी को देखकर एक पल… (428 more words) …

Question number: 1744 (6 of 13 Based on Passage) Show Passage

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कवि नागार्जुन दव्ारा रचित प्रस्तुत प्रसंग के भाव-सौंदर्य में बच्चा अपरिचितों को किस प्रकार देखकर पहचानता है?

Explanation

बच्चा अपरिचित को अपलक देखता हुआ पहचानने का प्रयत्न करता है।

क्योंकि-बच्चे के लिए किसी अन्जान व्यक्ति को पहचानना मुश्किल होता है।

प्रसंग: - प्रस्तुत पद्यांश कवि नागार्जुन द्वारा रचित कविता ’यह दंतुरित मुसकान’ से अवतरित है। कवि ने छोटे बच्चे की दंतस्वरूप सुंदर मुसकान को देखकर हृदय में उत्पन्न… (342 more words) …

Question number: 1745 (7 of 13 Based on Passage) Show Passage

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कवि नागार्जुन द्वारा रचित प्रस्तुत प्रसंग में कवि ने कोनसा भाव प्रकट किया है?

Explanation

प्रस्तुत पद्यांश कवि नागार्जुन द्वारा रचित कविता ’यह दंतुरित मुसकान’ से अवतरित है। कवि ने छोटे बच्चे की दंतस्वरूप सुंदर मुसकान को देखकर हृदय में उत्पन्न होने वाले भावों को अनेक बिम्बों अर्थात उपमा के माध्यम से प्रकट किया है।

क्योंकि- छोटे से बच्चे की मुस्काराहट देखकर हर व्यक्ति के… (376 more words) …

Question number: 1746 (8 of 13 Based on Passage) Show Passage

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कवि नागार्जुन दव्ारा रचित प्रस्तुत पद्यांश के शिल्प-सौंदर्य क्या है?

Explanation

प्रस्तुत पद्यांश के शिल्प-सौंदर्य यह है कि इसमें कवि ने बच्चे की दंतस्वरूप मुसकान का बहुत सुंदर व अद्भूत चित्र प्रस्तुत किया है साथ में अलंकारों, बिम्बों, शैली, गुण व भाषा आदि का बहुत ही मार्मिक तरीके से प्रयोग कर प्रस्तुत किया हैं।

क्योंकि-ताकि कवि नागार्जुन दव्ारा रचित प्रस्तुत पद्यांश… (378 more words) …

Question number: 1747 (9 of 13 Based on Passage) Show Passage

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नागार्जुन द्वारा रचित प्रस्तुत प्रसंग में बच्चे का स्पर्श पाकर कवि का मन किस तरह से भावुक हो जाता हैं?

Explanation

नागार्जुन द्वारा रचित प्रस्तुत प्रसंग में बच्चे की कोमलता को पाकर मन इस तरह भावात्मक हो जाता है जैसे बच्चे के छूने मात्र से कठोर पत्थर पिघलकर पानी बन गया हो। अर्थात कठोर हृदय वाला भी पिघल जाता है

क्योंकि-बच्चे का स्पर्श हर व्यक्ति के हृदय के भाव को प्रभावित… (372 more words) …

Question number: 1748 (10 of 13 Based on Passage) Show Passage

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कवि नागार्जुन द्वारा रचित प्रस्तुत प्रसंग में कवि ने जीवन का क्या संदेश दिया है?

Explanation

कवि नागार्जुन द्वारा रचित प्रस्तुत प्रसंग में कवि ने सुदंरता में ही जीवन का संदेश दिया है।

क्योंकि- ताकि ऐसे संदेश से व्यक्ति को आगे जीवन व्यतीत करने के लिए प्रेरणा मिलती रहे।

प्रसंग: - प्रस्तुत पद्यांश कवि नागार्जुन द्वारा रचित कविता ’यह दंतुरित मुसकान’ से अवतरित है। कवि ने… (353 more words) …

Question number: 1749 (11 of 13 Based on Passage) Show Passage

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नागार्जुन द्वारा रचित प्रस्तुत प्रसंग में बच्चे के स्पर्श मात्र से कवि के जीवन में किसका संचार हो गया है?

Explanation

है बच्चे तुम्हारे स्पर्शमात्र से मेरे जीवन में सुख और खुशी उत्पन्न हो गई, मेरा जीवन खुशियों से भर गया है अर्थात बच्चे के स्पर्श मात्र से कवि केे जीवन में सुख और आनंद का संचार हो गया।

क्योंकि-बच्चे का छूना है ही इतना मोहक कि बस हम अपने सारे… (375 more words) …

Question number: 1750 (12 of 13 Based on Passage) Show Passage

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कवि नागार्जुन दव्ारा रचित प्रस्तुत प्रसंग के भाव-सौंदर्य क्या हैं?

Explanation

कवि नागार्जुन दव्ारा रचित प्रस्तुत प्रसंग के भाव-सौंदर्य यह है कि एक छोटे बच्चे के मुँह में नये दांत आने पर जब वह मुस्कराता देता है तो मानों हर व्यक्ति के मन में प्रेम की भावना उत्पन्न होने लगती है चाहे उस व्यक्ति का मन कठोर ही क्यों न हो।… (420 more words) …

Question number: 1751 (13 of 13 Based on Passage) Show Passage

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कवि नागार्जुन द्वारा रचित प्रस्तुत प्रसंग में किसको पहचान कर बच्चा मुसकरा देता है?

Explanation

कवि नागार्जुन द्वारा रचित प्रस्तुत प्रसंग में माँ को पहचान कर बच्चा मुसकरा देता है।

क्योंकि-एक मां का बच्चे से शुरू से ही आत्मीयता व भावात्मक संबंध होता है।

प्रसंग: - प्रस्तुत पद्यांश कवि नागार्जुन द्वारा रचित कविता ’यह दंतुरित मुसकान’ से अवतरित है। कवि ने छोटे बच्चे की दंतस्वरूप… (349 more words) …

Question number: 1752

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हिंदी साहित्यकार के रूप में प्रसाद जी की प्रतिभा किस प्रकार की है?

Explanation

हिंदी साहित्यकार के रूप में प्रसाद जी की प्रतिभा बहुमुखी है।

क्योंकि- कवि में बहुत सी खूबियाँ हैं।

प्रमुख रचनाएँ-हिंदी साहित्यकार के रूप में प्रसाद जी की प्रतिभा बहुमुखी है। उन्होंने कुल 27 कृतियों की रचना की हैं। उनकी प्रमुख रचनाएँ इस प्रकार हैं-

काव्य ग्रन्थ-कानून कुसुम, चित्राधार, झरना, आँसू,… (33 more words) …

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