क्षितिज(Kshitij-Textbook) (CBSE Class-10 Hindi): Questions 1704 - 1715 of 1777

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Question number: 1704

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » जयशंकर प्रसाद आत्मकथ्य

Essay Question▾

Describe in Detail

जयशंकर प्रसाद जी ने कुल कितनी कृतियों की रचना की हैं?

Explanation

उन्होंने कुल 27 कृतियों की रचना की हैं।

क्योंकि-कभी किसी कवि दव्ारा रचति रचना की गिनती एक दम सही होती हैं।

प्रमुख रचनाएँ-हिंदी साहित्यकार के रूप में प्रसाद जी की प्रतिभा बहुमुखी है। उन्होंने कुल 27 कृतियों की रचना की हैं। उनकी प्रमुख रचनाएँ इस प्रकार हैं-

काव्य ग्रन्थ-कानून कुसुम,… (36 more words) …

Passage

(2)

धन्य तुम, माँ भी तुम्हारी धन्य!

चिर प्रवासी मैं। इतर, मैं अन्य!

इस अतिथि से प्रिय तुम्हारा क्या रहा संपर्क

उँगलियाँ माँ की कराती रही हैं मधुपर्क

देखते तुम इधर कनखी मार

और होती जब कि आंखे चार

तब तुम्हारी दंतुरित मुसकान

मुझे लगती बड़ी ही छविमान!

Question number: 1705 (1 of 5 Based on Passage) Show Passage

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Describe in Detail

कवि नागार्जुन दव्ारा रचित प्रस्तुत व्याख्या में कवि बच्चे से क्या कह रहा हैं?

Explanation

नागार्जुन दव्ारा रचित प्रस्तुत व्याख्या में कवि नं बच्चे से कहा है कि हे बच्चे तुम बहुत ही भाग्यशाली हो। तुम्हें जन्म देने वाली तुम्हारी माता भी बहुत भाग्यशाली हैं। मैं तो कोई दूसरा ही हूँ और बहुत दूर से यहाँ आया हूँ। मैं तुम्हारे लिए अजांन हूँ। अरे प्यारे… (285 more words) …

Question number: 1706 (2 of 5 Based on Passage) Show Passage

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Describe in Detail

कवि नागार्जुन दव्ारा रचित प्रस्तुत प्रसंग के शिल्प-सौंदर्य क्या है?

Explanation

प्रस्तुत प्रसंग के शिल्प-सौंदर्य यह है कि यहां कवि ने बच्चे की दंतस्वरूप मुसकान का बहुत ही अनोखा एवं साक्षात रूप प्रस्तुत किया है इसके अलावा इसमें मुहावरों, पक्षों, भाषा, शब्दों व गुणों आदि का बहुत ही अच्छे से प्रयोग किया हैं।

क्योंकि-ताकि इस प्रसंग के शिल्प-सौंदर्य ओर प्रसंग के… (181 more words) …

Question number: 1707 (3 of 5 Based on Passage) Show Passage

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कवि नागार्जुन दव्ारा रचित प्रस्तुत प्रसंग के भाव-सौंदर्य क्या है?

Explanation

कवि नागार्जुन दव्ारा रचित प्रस्तुत प्रसंग के भाव-सौंदय है कि एक बच्चे की दंत रूपी मुसकान से हमें जीवन जीने की राह मिल जाती है। अर्थात जीवन को जीने का संदेश मिल जाता है कि हमें मुस्कारते हुए अपनी ज़िंदगी व्यतीत करना चाहिए।

क्योंकि-ताकि इस संदेश के माध्यम से हमें… (184 more words) …

Question number: 1708 (4 of 5 Based on Passage) Show Passage

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Describe in Detail

कवि नागार्जुन दव्ारा रचित प्रस्तुत पद्यांश में कवि ने किसको श्रेष्ठ बताया हैं?

Explanation

प्रस्तुत पद्यांश में कवि नेे छोटे बच्चे और उसकी जननी को श्रेष्ठ बताया है।ं

क्योंकि-एक मां व बच्चे से बढ़कर इस संसार में कोई रिश्ता नहीं होता है।

प्रसंग-नागार्जुन दव्ारा प्रस्तुत पद के प्रसंग में यहाँ कवि ने छोटे बच्चे और उसकी माता को श्रेष्ठ बताया है। जब दंतुरित मुस्काराहट… (154 more words) …

Question number: 1709 (5 of 5 Based on Passage) Show Passage

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Describe in Detail

कवि नागार्जुन दव्ारा रचित प्रस्तुत पद्यांश में कवि के अनुसार दंतुरित मुसकान के साथ उस बच्चे की नज़रों से क्या जुड़ जाता है?

Explanation

कवि के अनुसार दंतुरित मुस्काराहट के साथ उस बच्चे की नज़रों का भोलापन जुड़ जाता है तब वह और भी मनमोहक बन जाता है अत्यधिक सुंदर लगता है।

क्योंकि-बच्चे की आँखे बहुत ही सुंदर हो जाती है।

प्रसंग-नागार्जुन दव्ारा प्रस्तुत पद के प्रसंग में यहाँ कवि ने छोटे बच्चे और… (163 more words) …

Question number: 1710

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Short Answer Question▾

Write in Short

नागार्जुन जी दव्ारा रचित का काव्यों में शैली किससे युक्त है?

Passage

फसल

एक के नहीं,

दो के नहीं,

ढेर सारी नदियों के पानी का जादू:

एक के नहीं,

दो के नहीं,

लाख-लाख कोटि-कोटि हाथों के स्पर्श की गरिमा:

एक के नहीं,

दो के नहीं,

हज़ार-हज़ार खेतों की मिट्‌टी का गुण धर्म:

Question number: 1711 (1 of 6 Based on Passage) Show Passage

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Describe in Detail

नागार्जुन द्वारा रचित प्रस्तुत पद्यांश में कवि के अनुसार फसल किस प्रकार उत्पन्न होती हैं?

Explanation

प्रस्तुत पद्यांश में कवि के अनुसार फसलों को पैदा करने के लिए एक से अधिक अर्थात लाख-लाख, करोड़-करोड़ लोगों का हाथ होता है जो दिन-रात फसल को उगाने में परिश्रम व मेहनत करते रहते हैं। एक फसल अनगिनित किसानों और मजदूरों के मेहनत व परिश्रम का ही फल है। प्रकृति… (296 more words) …

Question number: 1712 (2 of 6 Based on Passage) Show Passage

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Describe in Detail

कवि नागार्जुन द्वारा रचित उपर्युक्त प्रसंग के भाव-सौंदर्य क्या हैं?

Explanation

कवि नागार्जुन द्वारा रचित उपर्युक्त प्रसंग के भाव-सौंदर्य यह है कि इसमें कवि फसल के बारे बताते हुए कहता है एक फसल के निर्माण में अनेक लोगों के हाथ लगने व प्रकृति के योगदान से ही अच्छी प्रकार की फसल तैयार की जा सकती हैं जिससे उसका परिणाम भी अच्छा… (224 more words) …

Question number: 1713 (3 of 6 Based on Passage) Show Passage

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Describe in Detail

प्रस्तुत पद्यांश कवि नागार्जुन द्वारा रचित कौनसी कविता से उद्धृत है।

Explanation

प्रस्तुत पद्यांश कवि नागार्जुन द्वारा रचित ’फसल’ कविता से उद्धृत है।

क्योंकि- उपरोक्त कविता कवि की मुख्य कविता हैं।

प्रसंग- प्रस्तुत पद्यांश कवि नागार्जुन द्वारा रचित कविता ’फसल’ से अवतरित है। यहाँ कवि ने फसल के बारे में बताना चाहा है कि एक फसल के निर्माण में एक नहीं अनेक… (167 more words) …

Question number: 1714 (4 of 6 Based on Passage) Show Passage

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Describe in Detail

प्रस्तुत पद्यांश कवि नागार्जुन द्वारा रचित कविता में यहाँ कवि ने फसल के बारे में क्या बताया हैं?

Explanation

फसल स्वयं पैदा न होकर नदियों के जल, किसानों के परिश्रम और खेतों की विभिन्न प्रकार की मिट्‌टियों का फल होती है।

क्योंकि- कोई भी काम अकेले नहीं होता है जब उसे सब मिलकर करते है तो उसका फल भी अच्छा मिलता है।

प्रसंग- प्रस्तुत पद्यांश कवि नागार्जुन द्वारा रचित… (191 more words) …

Question number: 1715 (5 of 6 Based on Passage) Show Passage

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Describe in Detail

कवि नागार्जुन द्वारा रचित प्रस्तुत पद्यांश के शिल्प-सौंदर्य क्या हैं?

Explanation

प्रस्तुत पद्यांश के शिल्प-सौंदर्य है कि इसमें कवि को पूरी भूमि व श्रम व मेहनत करने वालों से बेहद लगाव हैं। जिसका कवि ने बहुत ही मार्मिक चित्र प्रस्तुत किया हैं इसके अलावा उन्होंने खड़ी बोली, छंद, अलंकारों, भाषा आदि का बहुत ही सुंदर प्रयोग किया हैं।

क्योंकि- ताकि उपरोक्त… (212 more words) …

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