क्षितिज(Kshitij-Textbook) (CBSE (Central Board of Secondary Education- Board Exam) Class-10 Hindi): Questions 1485 - 1496 of 1777

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Question number: 1485

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » नागार्जुन यह दंतुरित मुसकान, फसल

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Describe in Detail

कवि नागार्जुन जी किस व्यक्ति से प्रभावित हुए?

Explanation

कवि नागार्जुन जी महात्मा बुद्ध नामक व्यक्ति से प्रभावित हुए थे।

क्योंकि-ताकि कवि अपनी मंजिल तक सही तरह से पहुंच सके।

“प्रख्यात कवि नागार्जुन जी के हृदय में शोषित व दलित वर्ग के प्रति अपार संवेदना देखने को मिलती है। उन्होंने अपनी कविताओं में पीड़ित व त्रस्त व्यक्तियों के प्रति अद्धितीय सहानुभूति प्रदर्शित किया है। साथ ही अन्याय के विरुद्ध आवाज उठा

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Question number: 1486

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » नागार्जुन यह दंतुरित मुसकान, फसल

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नागार्जुन दव्ारा रचित काव्य में कवि ने किस प्रकार के गहरे व्यंग्य किए हैं?

Question number: 1487

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » जयशंकर प्रसाद आत्मकथ्य

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Describe in Detail

जयशंकर प्रसाद जी ने किस-किस विषय की शिक्षा घर पर प्राप्त की है?

Explanation

उन्होंने घर पर ही अंग्रेजी, हिन्दी, संस्कृत, उर्दू का समुचित ज्ञान प्राप्त किया।

क्योंकि-कवि के अपने निजी या कोई अन्य कारण होने से।

“छायावाद के श्रेष्ठ कवि जयशंकर प्रसाद एक ऐसे विलक्षण एवं विराट व्यक्तित्व को लेकर अवतरित हुए थे, जिसमें विभिन्न प्रकार की साहित्यिक प्रतिभाएँ समिश्रित व विद्यमान थीं। जो कि युग-युग से चली आ रही प्राचीन धारा को एक नव

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Passage

यह दंतुरित मुसकान

(1)

तुम्हारी यह दंतुरित मुसकान

मृतक में भी डाल देगी जान

धूलि-धूसर तुम्हारे ये गात……

छोड़कर तालाब मेरी झोंपड़ी में खिल रहे जलजात

परस पाकर तुम्हारा ही प्राण,

पिघलकर जल बन गया होगा कठिन पाषाण

छू गया तुमसे कि झरने लग पड़े शेफालिका के फूल

बांस था कि बबूल?

तुम मुझे पाए नहीं पहचान?

देखते ही रहोंगे अनिमेष!

थक गए हो?

आँख लूँ मैं फेर?

क्या हुआ यदि हो सके परिचित न पहली बार?

यदि तुम्हारी माँ न माध्यम बनी होती आज

मैं न सकता देख

मै न पाता जान

तुम्हारी यह दंतुरित मुसकान

(2)

धन्य तुम, माँ भी तुम्हारी धन्य!

चिर प्रवासी मैं। इतर, मैं अन्य!

इस अतिथि से प्रिय तुम्हारा क्या रहा संपर्क

उँगलियाँ माँ की कराती रही हैं मधुपर्क

देखते तुम इधर कनखी मार

और होती जब कि आंखे चार

तब तुम्हारी दंतुरित मुसकान

मुझे लगती बड़ी ही छविमान!

Question number: 1488 (1 of 5 Based on Passage) Show Passage

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मुसकान और क्रोध भिन्न-भिन्न भाव हैं। इनकी उपस्थिति से बने वातावरण की भिन्नता का चित्रण कीजिए। ‘दंतुरित मुसकान’ से बच्चे की उम्र का अनुमान लगाइए और तर्क सहित उत्तर दीजिए।

Question number: 1489 (2 of 5 Based on Passage) Show Passage

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कवि ने बच्चे की मुसकान के सौंदर्य को किन-किन बिंबो के माध्यम से व्यक्त किया है?

Question number: 1490 (3 of 5 Based on Passage) Show Passage

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बच्चे की दंतुरित मुसकान का कवि के मन पर क्या प्रभाव पड़ता है

Question number: 1491 (4 of 5 Based on Passage) Show Passage

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बच्चे से कवि की मुलाकात का जो शब्द-चित्र उपस्थित हुआ है उसे अपने शब्दों में लिखिए।

Question number: 1492 (5 of 5 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Textbook Questions » नागार्जुन यह दंतुरित मुसकान, फसल

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बच्चे की मुसकान और एक बड़े व्यक्ति की मुसकान में क्या अंतर है?

Question number: 1493

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » जयशंकर प्रसाद आत्मकथ्य

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Describe in Detail

जयशंकर प्रसाद किस प्रकार के विलक्षण एवं विराट व्यक्तित्व को लेकर अवतरित हुए थे?

Explanation

जयशंकर प्रसाद एक ऐसे विलक्षण एवं विराट व्यक्तित्व को लेकर अवतरित हुए थे कि उनमें विभिन्न प्रकार की साहित्यिक प्रतिभाएँ समिश्रित व विद्यमान थीं। जो कि युग-युग से चली आ रही प्राचीन धारा को एक नवीन मोड़ देने में समर्थ सिद्ध हुई।

क्योंकि-कवि में एक से अधिक खूबियाँ मौजूद थीं।

“छायावाद के श्रेष्ठ कवि जयशंकर प्रसाद एक ऐसे विलक्षण एवं विराट व्यक्तित्व को

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Question number: 1494

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Describe in Detail

नागार्जुन जी ने कितनी बार संपूर्ण भारत की यात्रा की?

Explanation

उन्होंने अनेक बार संपूर्ण भारत की यात्रा की।

क्योंकि- ताकि कवि को इन यात्राओं अधिक से अधिक जानकारी मिल सके।

“प्रख्यात कवि नागार्जुन जी के हृदय में शोषित व दलित वर्ग के प्रति अपार संवेदना देखने को मिलती है। उन्होंने अपनी कविताओं में पीड़ित व त्रस्त व्यक्तियों के प्रति अद्धितीय सहानुभूति प्रदर्शित किया है। साथ ही अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने की भी

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Question number: 1495

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कवि के दव्ारा रचित रचनाओं मे उन्होंने किन भावों का चित्रण तत्सम शब्दों में किया है?

Question number: 1496

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Describe in Detail

जयशंकर प्रसाद जी दव्ारा रचित उनकी रचनाओं में किन समस्याओं को चित्रित किया है?

Explanation

उन्होंने अपने दव्ारा रचित रचनाओं में मध्यवर्गीय सामाजिक समस्याओं को चित्रित किया है।

क्योंकि-कवि उपरोक्त समस्याएं अपनी रचनाओं के माध्यम से सबको बताना चाह रहा हैं।

काव्यगत विशेषताएँ- जयशंकर प्रसाद जी नाटक और काव्य क्षेत्र में मौलिकता लाने वाले प्रतिभा-सम्पन्न साहित्यकार हैं। उन्हे छायावादी काव्य धारा का प्रवर्तक माना जाता है। उन्होंने नाटक और कवित

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