क्षितिज(Kshitij-Textbook) (CBSE Class-10 Hindi): Questions 157 - 168 of 1777

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Question number: 157

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूरदास पद

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सूरदास की आँखे कैसी थी?

Question number: 158

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » ऋतुराज कन्यादान

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ऋतुराज जी ने किससे संबंधित समस्याओं को अपने दव्ारा रचित रचनाओं का विषय बनाया है?

Question number: 159

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » तुलसीदास राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद

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महाकवि तुलसीदास को मानव-प्रकृति का क्या कहा जा सकता है?

Question number: 160

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » तुलसीदास राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद

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गुरु नर हरि दास से तुलसीदास जी ने कौनसा ज्ञान प्राप्त करके वे किस कार्य में लग गए?

Question number: 161

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूरदास पद

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सूरदास जी दव्ारा रचित काव्य-रचनाएँ किस भाषा की है?

Passage

कन्यादान

(1)

कितना प्रामाणिक था उसका दुख

लड़की को दान में देते वक्त

जैसे वही उसकी अंतिम पूंजी हो

(2)

लड़की अभी सयानी नहीं थी

अभी इतनी भोली सरल थी

कि उसे सुख का आभास तो होता था

लेकिन दुख बांचना नहीं आता था

पाठिका थी वह धुंधले प्रकाश की

कुछ तुकों और कुछ लयबद्ध पंक्तियों की

(3)

मां ने कहा पानी में झांककर

अपने चेहरे पर मत रीझना

आग रोटियां सेंकने के लिए है

जलने के लिए नहीं

वस्त्र और आभूषण शाब्दिक भ्रमों की तरह

बंधन हैं स्त्री जीवन के

(4)

मां ने कहा लड़की होना

पर लड़की जैसी दिखाई मत देना।

Question number: 162 (1 of 7 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Textbook Questions » ऋतुराज कन्यादान

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प्रश्न ’आग रोटियाँं सेकने के लिए है जलने के लिए’

मां ने बेटी को सचेत करना क्यों जरूरी समझा?

Question number: 163 (2 of 7 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Textbook Questions » ऋतुराज कन्यादान

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मां ने बेटी को क्या-क्या सीख दी?

Question number: 164 (3 of 7 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Textbook Questions » ऋतुराज कन्यादान

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आपके विचार से मां ने ऐसा क्यों कहा कि लड़की होने पर लड़की जैसी मत दिखाई देना?

Question number: 165 (4 of 7 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Textbook Questions » ऋतुराज कन्यादान

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आपकी दृष्टि में कन्या के साथ दान की बात करना कहाँ तक उचित है?

Question number: 166 (5 of 7 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Textbook Questions » ऋतुराज कन्यादान

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मां को अपनी बेटी अंतिम पूंजी क्यों लगा रही है?

Question number: 167 (6 of 7 Based on Passage) Show Passage

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प्रश्न ’आग रोटियाँं सेकने के लिए है जलने के लिए’

इन पंक्तियों में समाज में स्त्री की किस स्थिति की ओर संकेत किया गया है।

Question number: 168 (7 of 7 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Textbook Questions » ऋतुराज कन्यादान

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पाठिका थी वह धुंधले प्रकाश की, कुछ तुकों और कुछ लयबद्ध पंक्तियों की’

इन पंक्तियों को पढ़कर लड़की की जो छवि आपके सामने उभरकर आ रही है, उसे स्पष्ट कीजिए।

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