क्षितिज(Kshitij-Textbook) (CBSE Class-10 Hindi): Questions 1464 - 1477 of 1777

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Passage

सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’

Question number: 1464 (30 of 40 Based on Passage) Show Passage

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जीवन के संघर्षों से जुझते हुए भी निराला जी किस कार्य में लगे रहे?

Explanation

जीवन के संघर्षों से जुझते हुए भी निराला जी साहित्य रचना के कार्य में लगे रहे।

क्योंकि-कवि अपने दुख को दूर करने के लिए वह किसी न किसी काम में अपने आप को व्यस्त कर सके।

”महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि… (216 more words) …

Question number: 1465 (31 of 40 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी का किन दोनों ही विधाओं पर समान अधिकार था?

Explanation

उनका गद्य और काव्य दोनों ही विधाओं पर समान अधिकार था।

क्योंकि-किसी किसी कवि की सब विधाएँ अच्छी होती हैं।

साहित्यक रचनाएँ- निराला जी एक महान साहित्यकार थे। उनका गद्य और काव्य दोनों ही विधाओं पर समान अधिकार था। उनकी प्रमुख रचनाएँ इस प्रकार हैं-

काव्य संग्रह- ’अनामिका, परिमल, तुलसीदास,… (38 more words) …

Question number: 1466 (32 of 40 Based on Passage) Show Passage

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कवि निराला जी ने अपने काव्यों में किस शब्दावली का प्रयोग किया है?

Question number: 1467 (33 of 40 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी किस प्रकार के साहित्यकार थे?

Explanation

निराला जी एक महान प्रकार के साहित्यकार थे।

क्योंकि-निराला कवि जी की रचनाएँ बहुत ही अच्छी हैं।

साहित्यक रचनाएँ- निराला जी एक महान साहित्यकार थे। उनका गद्य और काव्य दोनों ही विधाओं पर समान अधिकार था। उनकी प्रमुख रचनाएँ इस प्रकार हैं-

काव्य संग्रह- ’अनामिका, परिमल, तुलसीदास, गीतिका, अणिमा, कुकुरमुत्ता,… (35 more words) …

Question number: 1468 (34 of 40 Based on Passage) Show Passage

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किनके काव्यों में सुफियों का सादापन सूर-तुलसी की समन्वय प्रतिभा और प्रसाद की सौंदर्य चेतना सम्पूर्ण रूप से साकार हो उठी है?

Explanation

सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जी के काव्यों में सुफियों का सादापन सूर-तुलसी की समन्वय प्रतिभा और प्रसाद की सौंदर्य चेतना सम्पूर्ण रूप से साकार हो उठी है।

क्योंकि-कोई कोई कवि पहले वाले कवियों की इच्छाओं की पूर्ति करते थे।

”महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं… (218 more words) …

Question number: 1469 (35 of 40 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी ने भाषा का किस तरह से प्रयोग किया है?

Question number: 1470 (36 of 40 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी दव्ारा रचित उनके काव्य संग्रह में कौन-कौन सी रचनाएँ है?

Explanation

निराला जी दव्ारा रचित उनके काव्य संग्रह में ’अनामिका, परिमल, तुलसीदास, गीतिका, अणिमा, कुकुरमुत्ता, बेला, अर्चना, आराधना, नये पत्ते, गीत -गूँज आदि उनके काव्य संग्रह की रचनाएँ है।

क्योंकि- कवि की काव्य रचनाएँ बहुत अधिक रोचक होने केे कारण उनके अनगिनत नाम होते है। उपरोक्त लिखी गई काव्य संग्रह कवि… (72 more words) …

Question number: 1471 (37 of 40 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी छायावादी काव्यधारा के कौनसे स्तंभों में से एक है?

Explanation

वे छायावादी काव्यधारा के चार स्तंभों में से एक है।

क्योंकि-कवि निराला छायावादी काव्यधारा के दृढ़ कवि हैं

”महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि निराला ही थे। जिनके काव्यों में सुफियों का सादापन सूर-तुलसी की समन्वय प्रतिभा… (198 more words) …

Question number: 1472 (38 of 40 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी का निधन किस सन्‌ में हुआ?

Explanation

सन्‌ 1961 में निराला जी का निधन हो गया।

क्योंकि-जिस प्रकार हर इंसान का जन्म भगवान के अनुसार निश्चत होता है उसी प्रकार इंसान की मृत्यु भी निश्चत होती है।

”महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि निराला… (210 more words) …

Question number: 1473 (39 of 40 Based on Passage) Show Passage

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कवि निराला जी दव्ारा रचित रचनाओं में प्रकृति चित्रण में प्रकृति के कौनसे रूप मिलते हैं?

Explanation

उनके दव्ारा रचित रचनओं में प्रकृति चित्रण में प्रकृति के मनोरम और भयानक दोनों ही रूप मिलते हैं।

क्योंकि-जिससे कवि का प्रकृति चित्रण ओर अधिक अच्छा लगे।

साहित्यिक विशेषताएँ- कवि निराला एक महान्‌ साहित्यकार थे। वे छायावादी काव्यधारा के प्रतिष्ठित कवि थे। उनके काव्य में छायावाद की सभी विशेषताएँ देखी… (79 more words) …

Question number: 1474 (40 of 40 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी दव्ारा रचित उपन्यास में कौनसी रचनाएँ है?

Explanation

निराला जी दव्ारा रचित उपन्यास में अप्सरा, अलका, प्रहलाद, ध्रुव, शकुंतला, भीष्म। ये रचनाएँ है।

क्योंकि-निराला जी के उपन्यास भी बहुत अच्छे हैं। जो कवि के प्रमुख उपन्यास हैं।

साहित्यक रचनाएँ- निराला जी एक महान साहित्यकार थे। उनका गद्य और काव्य दोनों ही विधाओं पर समान अधिकार था। उनकी प्रमुख… (47 more words) …

Question number: 1475

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जयशंकर प्रसाद जी के कितने विवाह हुए थे?

Explanation

जयशंकर प्रसाद जी के तीन विवाह हुए थे।

क्योंकि-पहले जमाने में राजा महाराजाओं के भी अनगिनत विवाह होते है।

”छायावाद के श्रेष्ठ कवि जयशंकर प्रसाद एक ऐसे विलक्षण एवं विराट व्यक्तित्व को लेकर अवतरित हुए थे, जिसमें विभिन्न प्रकार की साहित्यिक प्रतिभाएँ समिश्रित व विद्यमान थीं। जो कि युग-युग से… (163 more words) …

Question number: 1476

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नागार्जुन जी दव्ारा रचित उनकी काव्य रचनाएँ कौन-कौन सी हैं?

Explanation

नागार्जुन जी दव्ारा रचित उनकी काव्य रचनाएँ निम्न है-

-युगधारा, प्यासी पथराई आँखे, सतरंगे पंखों वाली, तालाब की मछलियाँ, प्यासी परछाई, हज़ार-हज़ार बाँहो वाली, तुमने कहा था, खून और शोले, पुरानी जूतियों का कोरस, चना और गर्म है।

क्योंकि-ताकि इनके काव्य की रचनाओं को हर व्यक्ति पढ़ सके।

काव्य-रचनाएँ -युगधारा,… (27 more words) …

Question number: 1477

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जयशंकर प्रसाद जी ने अपनी रचनाओं को किस बोली में लिखना आरम्भ किया?

Explanation

उन्होंने अपनी रचनाओं को खड़ी बोली में लिखना आरम्भ किया।

क्योंकि-कवि को शुरूआत में ब्रज भाषा के बाद खड़ी बोली सरल लगी।

भाषा शैली- जयशंकर प्रसाद की रचनाएँ मौलिक व तीव्र अनुभूतियों से युक्त हैं। उनकी आरम्भिक कविताएँ ब्र्रज भाषा में थीं और उसके बाद उन्होंने खड़ी बोली में लिखना… (74 more words) …

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