क्षितिज(Kshitij-Textbook) (CBSE Class-10 Hindi): Questions 1468 - 1481 of 1777

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Passage

सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’

Question number: 1468 (34 of 40 Based on Passage) Show Passage

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किस सन्‌ में उनकी पत्नी की मृत्यु हो गई थी?

Explanation

1918 में उनकी पत्नी की मृत्यु हो गई था।

क्योंकि-कभी कभी किसी के निधन का सन्‌ पता होता है।

”महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि निराला ही थे। जिनके काव्यों में सुफियों का सादापन सूर-तुलसी की समन्वय… (199 more words) …

Question number: 1469 (35 of 40 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी की माताजी का निधन कब हो गया था?

Explanation

शैशवावस्था में उनकी माताजी का निधन हो गया।

क्योकि-हर इंसान की मृत्यु निश्चत होती है अंतर इतना हैै कि किसी की पहले मृत्यु होती है किसी की बाद में।

”महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि निराला ही… (209 more words) …

Question number: 1470 (36 of 40 Based on Passage) Show Passage

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जीवन के संघर्षों से जुझते हुए भी निराला जी किस कार्य में लगे रहे?

Explanation

जीवन के संघर्षों से जुझते हुए भी निराला जी साहित्य रचना के कार्य में लगे रहे।

क्योंकि-कवि अपने दुख को दूर करने के लिए वह किसी न किसी काम में अपने आप को व्यस्त कर सके।

”महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि… (216 more words) …

Question number: 1471 (37 of 40 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी का निधन किस सन्‌ में हुआ?

Explanation

सन्‌ 1961 में निराला जी का निधन हो गया।

क्योंकि-जिस प्रकार हर इंसान का जन्म भगवान के अनुसार निश्चत होता है उसी प्रकार इंसान की मृत्यु भी निश्चत होती है।

”महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि निराला… (210 more words) …

Question number: 1472 (38 of 40 Based on Passage) Show Passage

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”महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि कौन थे?

Explanation

”महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि निराला ही थे।

क्योंकि-हिंदी साहित्य को आगे बढ़ाने के लिए कोई न कोई महापुरूष आते ही रहेे है।

”महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक… (217 more words) …

Question number: 1473 (39 of 40 Based on Passage) Show Passage

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निराला दव्ारा रचित उनके कहानी संग्रह में कौन-कौन सी रचनाएँ है?

Explanation

निराला दव्ारा रचित उनके कहानी संग्रह में लिली, सखी, सुकुन की बेटी, चतुर चमार। रचनाएँ है।

क्योंकि- कवि की कहानियाँ भी बहुत अच्छी है। उपर्युक्त कहानियाँ कवि प्रमुख है।

साहित्यक रचनाएँ- निराला जी एक महान साहित्यकार थे। उनका गद्य और काव्य दोनों ही विधाओं पर समान अधिकार था। उनकी प्रमुख… (47 more words) …

Question number: 1474 (40 of 40 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी दव्ारा रचित रचनाओं में किसका यथार्थ चित्रण मिलता है?

Explanation

उनके दव्ारा रचित रचनाओं में तत्कालीन राजनीतिक, सामाजिक तथा आर्थिक विषमता का यथार्थ चित्रण मिलता है।

क्योंकि- कवि ने अपने आस-पास की स्थितियों को देखकर उसका चित्रण करता है।

साहित्यिक विशेषताएँ- कवि निराला एक महान्‌ साहित्यकार थे। वे छायावादी काव्यधारा के प्रतिष्ठित कवि थे। उनके काव्य में छायावाद की सभी… (81 more words) …

Question number: 1475

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जयशंकर प्रसाद जी के कितने विवाह हुए थे?

Explanation

जयशंकर प्रसाद जी के तीन विवाह हुए थे।

क्योंकि-पहले जमाने में राजा महाराजाओं के भी अनगिनत विवाह होते है।

”छायावाद के श्रेष्ठ कवि जयशंकर प्रसाद एक ऐसे विलक्षण एवं विराट व्यक्तित्व को लेकर अवतरित हुए थे, जिसमें विभिन्न प्रकार की साहित्यिक प्रतिभाएँ समिश्रित व विद्यमान थीं। जो कि युग-युग से… (163 more words) …

Question number: 1476

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Describe in Detail

नागार्जुन जी दव्ारा रचित उनकी काव्य रचनाएँ कौन-कौन सी हैं?

Explanation

नागार्जुन जी दव्ारा रचित उनकी काव्य रचनाएँ निम्न है-

-युगधारा, प्यासी पथराई आँखे, सतरंगे पंखों वाली, तालाब की मछलियाँ, प्यासी परछाई, हज़ार-हज़ार बाँहो वाली, तुमने कहा था, खून और शोले, पुरानी जूतियों का कोरस, चना और गर्म है।

क्योंकि-ताकि इनके काव्य की रचनाओं को हर व्यक्ति पढ़ सके।

काव्य-रचनाएँ -युगधारा,… (27 more words) …

Question number: 1477

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जयशंकर प्रसाद जी ने अपनी रचनाओं को किस बोली में लिखना आरम्भ किया?

Explanation

उन्होंने अपनी रचनाओं को खड़ी बोली में लिखना आरम्भ किया।

क्योंकि-कवि को शुरूआत में ब्रज भाषा के बाद खड़ी बोली सरल लगी।

भाषा शैली- जयशंकर प्रसाद की रचनाएँ मौलिक व तीव्र अनुभूतियों से युक्त हैं। उनकी आरम्भिक कविताएँ ब्र्रज भाषा में थीं और उसके बाद उन्होंने खड़ी बोली में लिखना… (74 more words) …

Question number: 1478

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जयशंकर प्रसाद जी की विशेष रुचि किस कार्य में है?

Explanation

उनकी विशेष रूचियों में कसरत करना और घुड़सवारी करना थीं।

क्योंकि-हर इंसान की पसंद अलग-अलग होती है।

”छायावाद के श्रेष्ठ कवि जयशंकर प्रसाद एक ऐसे विलक्षण एवं विराट व्यक्तित्व को लेकर अवतरित हुए थे, जिसमें विभिन्न प्रकार की साहित्यिक प्रतिभाएँ समिश्रित व विद्यमान थीं। जो कि युग-युग से चली आ… (161 more words) …

Question number: 1479

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कवि दव्ारा रचित रचनाओं में उन्होंने किन शब्दों को उदारता से अपनाया हैं?

Question number: 1480

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किस सन्‌ में विदेश से लौटने के बाद उन्होंने क्या कार्य किया?

Explanation

सन्‌ 1938 में भारत लौटकर वे स्वतंत्रता की लड़ाई में कूद पड़े।

क्योंकि-कभी-कभी व्यक्ति की अन्य बातों में भी रूचि होती है।

”प्रख्यात कवि नागार्जुन जी के हृदय में शोषित व दलित वर्ग के प्रति अपार संवेदना देखने को मिलती है। उन्होंने अपनी कविताओं में पीड़ित व त्रस्त व्यक्तियों के… (182 more words) …

Question number: 1481

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Describe in Detail

जयशंकर प्रसाद जी दव्ारा रचित नाटक और कविता के क्षेत्र की तरह ही उन्होंने किस क्षेत्र में भी युगान्तर उपस्थित किया?

Explanation

उनके दव्ारा रचित नाटक और कविता के क्षेत्र की तरह ही कहानी क्षेत्र में भी युगान्तर उपस्थित किया।

क्योंकि-उनके दव्ारा रचित कहानियाँ भी बहुत अच्छी हैं।

काव्यगत विशेषताएँ- जयशंकर प्रसाद जी नाटक और काव्य क्षेत्र में मौलिकता लाने वाले प्रतिभा-सम्पन्न साहित्यकार हैं। उन्हे छायावादी काव्य धारा का प्रवर्तक माना जाता… (54 more words) …

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