क्षितिज(Kshitij-Textbook) (CBSE (Central Board of Secondary Education- Board Exam) Class-10 Hindi): Questions 1442 - 1454 of 1777

Get 1 year subscription: Access detailed explanations (illustrated with images and videos) to 2295 questions. Access all new questions we will add tracking exam-pattern and syllabus changes. View Sample Explanation or View Features.

Rs. 1650.00 or

How to register?

Passage

सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’

Question number: 1442 (8 of 40 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नह

Short Answer Question▾

Write in Short

निराला जी ने भाषा का किस तरह से प्रयोग किया है?

Question number: 1443 (9 of 40 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नह

Essay Question▾

Describe in Detail

किनके काव्यों में सुफियों का सादापन सूर-तुलसी की समन्वय प्रतिभा और प्रसाद की सौंदर्य चेतना सम्पूर्ण रूप से साकार हो उठी है?

Explanation

सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जी के काव्यों में सुफियों का सादापन सूर-तुलसी की समन्वय प्रतिभा और प्रसाद की सौंदर्य चेतना सम्पूर्ण रूप से साकार हो उठी है।

क्योंकि-कोई कोई कवि पहले वाले कवियों की इच्छाओं की पूर्ति करते थे।

“महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि निराला ही थे। जिनके काव्यों में सु

… (1633 more words) …

Question number: 1444 (10 of 40 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नह

Essay Question▾

Describe in Detail

निराला जी किन व्यक्तियों से बहुत अधिक प्रभावित थे?

Explanation

निराला जी स्वामी रामकृष्ण परमहंस और विवेकानंद जी से बहुत अधिक प्रभावित थे।

क्योंकि-हर इंसान अपने जीवन में किसी न किसी से प्रेरित जरूर होता है। जो उनके जीवन को बदल देते है।

“महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि निराला ही थे। जिनके काव्यों में सुफियों का सादापन सूर-तुलसी की समन्वय प्रतिभा औ

… (1569 more words) …

Question number: 1445 (11 of 40 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नह

Essay Question▾

Describe in Detail

“महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि कौन थे?

Explanation

“महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि निराला ही थे।

क्योंकि-हिंदी साहित्य को आगे बढ़ाने के लिए कोई न कोई महापुरूष आते ही रहेे है।

“महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि निराला ही थे। जिनके काव्यों में सुफियों का सादापन सूर-तुलसी की

… (1593 more words) …

Question number: 1446 (12 of 40 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नह

Essay Question▾

Describe in Detail

निराला जी के मन में किसके प्रति सहानुभूति थी?

Explanation

निराला जी के मन में दीन-दुखियों के प्रति सहानुभूति थी।

क्योंकि-हर व्यक्ति का अपना एक स्वभाव होता हैं।

साहित्यिक विशेषताएँ- कवि निराला एक महान्‌ साहित्यकार थे। वे छायावादी काव्यधारा के प्रतिष्ठित कवि थे। उनके काव्य में छायावाद की सभी विशेषताएँ देखी जा सकती हैं। निराला जी के मन में दीन-दुखियों के प्रति सहानुभूति थी। उन्होंने अपनी कविताओं में मानवता

… (791 more words) …

Question number: 1447 (13 of 40 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नह

Essay Question▾

Describe in Detail

निराला जी के दव्ारा रचित रेखाचित्र में कौनसी रचनाएँ है?

Explanation

निराला जी के दव्ारा रचित रेखाचित्र में कुल्ली भाट, बिल्ले सुर, बकरिहा। रचनाएँ है।

क्योंकि-इन कवि की रेखाचित्र की रचनाएँ भी खूब रौचक हैं। जो कवि की प्रमुख रेखाचित्र है।

साहित्यक रचनाएँ- निराला जी एक महान साहित्यकार थे। उनका गद्य और काव्य दोनों ही विधाओं पर समान अधिकार था। उनकी प्रमुख रचनाएँ इस प्रकार हैं-

काव्य संग्रह- ‘अनामिका, परिमल, तुलसीदास,

… (699 more words) …

Question number: 1448 (14 of 40 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नह

Essay Question▾

Describe in Detail

निराला जी दव्ारा रचित उपन्यास में कौनसी रचनाएँ है?

Explanation

निराला जी दव्ारा रचित उपन्यास में अप्सरा, अलका, प्रहलाद, ध्रुव, शकुंतला, भीष्म। ये रचनाएँ है।

क्योंकि-निराला जी के उपन्यास भी बहुत अच्छे हैं। जो कवि के प्रमुख उपन्यास हैं।

साहित्यक रचनाएँ- निराला जी एक महान साहित्यकार थे। उनका गद्य और काव्य दोनों ही विधाओं पर समान अधिकार था। उनकी प्रमुख रचनाएँ इस प्रकार हैं-

काव्य संग्रह- ‘अनामिका, परिमल, तुलसीदा

… (705 more words) …

Question number: 1449 (15 of 40 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नह

Essay Question▾

Describe in Detail

कवि निराला जी दव्ारा रचित उनकी कविताओं में किस विचारधारा को प्रकट किया है?

Explanation

कवि निराला जी दव्ारा रचित उन्होंने अपनी कविताओं में मानवतावादी विचारधारा को प्रकट किया है।

क्योंकि-कवि को उपरोक्त विचारधारओं से बहुत लगाव है।

साहित्यिक विशेषताएँ- कवि निराला एक महान्‌ साहित्यकार थे। वे छायावादी काव्यधारा के प्रतिष्ठित कवि थे। उनके काव्य में छायावाद की सभी विशेषताएँ देखी जा सकती हैं। निराला जी के मन में दीन-दुखियों के प्रति सहानुभ

… (842 more words) …

Question number: 1450 (16 of 40 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नह

Essay Question▾

Describe in Detail

निराला जी दव्ारा रचित रचनओं में उन्होंने किन संबंधों पर बल दिया है?

Explanation

उन्होंने आत्मा और परमात्मा के प्रणय संबंधों पर बल दिया है।

क्योंकि-कवि ने उपरोक्त संबंधों का गहराई से अध्ययन किया हैं।

साहित्यिक विशेषताएँ- कवि निराला एक महान्‌ साहित्यकार थे। वे छायावादी काव्यधारा के प्रतिष्ठित कवि थे। उनके काव्य में छायावाद की सभी विशेषताएँ देखी जा सकती हैं। निराला जी के मन में दीन-दुखियों के प्रति सहानुभूति थी। उन्होंने अपनी क

… (813 more words) …

Question number: 1451 (17 of 40 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नह

Essay Question▾

Describe in Detail

निराला जी दव्ारा रचित रचनाओं में उन्होंने किसका सुंदर समन्वय किया है?

Explanation

निराला जी ने रहस्यवादी भावना और चिंतन का सुंदर समन्वय किया है।

क्योंकि-ताकि कवि का काव्य ओर अधिक अच्छा लगे।

साहित्यिक विशेषताएँ- कवि निराला एक महान्‌ साहित्यकार थे। वे छायावादी काव्यधारा के प्रतिष्ठित कवि थे। उनके काव्य में छायावाद की सभी विशेषताएँ देखी जा सकती हैं। निराला जी के मन में दीन-दुखियों के प्रति सहानुभूति थी। उन्होंने अपनी कविताओं में

… (799 more words) …

Question number: 1452 (18 of 40 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नह

Essay Question▾

Describe in Detail

निराला जी दव्ारा रचित कविताएँ किन विचार धाराओं से ओत प्रोत हैं?

Explanation

निराला जी दव्ारा रचित उनकी कविताएँ छायावादी, रहस्यवादी तथा प्रगतिवादी विचार धाराओं से ओत प्रोत हैं।

क्योंकि-ताकि उपरोक्त विचार धाराएँ आगे सबको प्रेरित कर सके।

“महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि निराला ही थे। जिनके काव्यों में सुफियों का सादापन सूर-तुलसी की समन्वय प्रतिभा और प्रसाद की स

… (1573 more words) …

Question number: 1453 (19 of 40 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नह

Essay Question▾

Describe in Detail

निराला जी ने अपनी रचनाओं में किन बंधनों का विरोध किया है?

Explanation

उन्होंने अपनी रचनाओं में साहित्य में बंधनों का विरोध किया है।

क्योंकि-कवि किसी भी प्रकार के बंधन में नहीं रहना चाहता हैं।

साहित्यिक विशेषताएँ- कवि निराला एक महान्‌ साहित्यकार थे। वे छायावादी काव्यधारा के प्रतिष्ठित कवि थे। उनके काव्य में छायावाद की सभी विशेषताएँ देखी जा सकती हैं। निराला जी के मन में दीन-दुखियों के प्रति सहानुभूति थी। उन्होंने अपन

… (811 more words) …

Question number: 1454 (20 of 40 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नह

Essay Question▾

Describe in Detail

निराला जी का सम्पूर्ण जीवन कैसे व्यतीत हुआ?

Explanation

निराला जी का सम्पूर्ण जीवन संघर्षो में व्यतीत हुआ।

क्योंकि-कवि का जीवन कठिनाईयों से भरा हुआ था।

“महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि निराला ही थे। जिनके काव्यों में सुफियों का सादापन सूर-तुलसी की समन्वय प्रतिभा और प्रसाद की सौंदर्य चेतना सम्पूर्ण रूप से साकार हो उठी है।”

जीवन-परिचय- मुक्

… (1493 more words) …

f Page