क्षितिज(Kshitij-Textbook) (CBSE (Central Board of Secondary Education- Board Exam) Class-10 Hindi): Questions 1424 - 1437 of 1777

Get 1 year subscription: Access detailed explanations (illustrated with images and videos) to 2295 questions. Access all new questions we will add tracking exam-pattern and syllabus changes. View Sample Explanation or View Features.

Rs. 1650.00 or

Passage

(2)

यह विडंबना! अरी सरलते तेरी हँसी उड़ाऊँ मैं।

भूले अपनी या प्रवंचना औरों की दिखलाऊँ मैं।

उज्ज्वल गाथा कैसे गाऊँ, मधुर चाँदनी रातों की।

और खिल-खिला कर हँसते होने वाली उन बातों की।

Question number: 1424 (3 of 4 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » जयशंकर प्रसाद आत्मकथ्य

Essay Question▾

Describe in Detail

जयशंकर दव्ारा रचित उपर्युक्त प्रसंग के शिल्प सौंदर्य क्या हैं?

Explanation

जयशंकर दव्ारा रचित उपर्युक्त प्रसंग के शिल्प सौंदर्य है कि कवि आत्मकथ्य कविता के माध्यम से कहना चाहा रहा की उसका जीवन बहुत ही सरल व अभावों से युक्त है उस जीवन का वह दूसरों के दव्ारा मजाक नहीं बनवाना चाहता हैं एवं यहां पर चांदनी रात को सुखी दिन… (246 more words) …

Question number: 1425 (4 of 4 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » जयशंकर प्रसाद आत्मकथ्य

Essay Question▾

Describe in Detail

जयशंकर दव्ारा रचित प्रस्तुत प्रसंग में कवि अपने जीवन के माध्यम से क्या बताना चाह रहा है?

Explanation

कहानी के माध्यम से कवि यह कह रहा है कि या तो कवि अपने जीवन में मिलने वाले धोखों को भूल जाएं या फिर दूसरों के दव्ारा दिए गए धोखे के कार्यों का वर्णन करें। कवि किस तरह से सुखी जीवन की साफ निर्मल कहानी का वर्णन करें? कवि कह… (277 more words) …

Question number: 1426

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » नागार्जुन यह दंतुरित मुसकान, फसल

Essay Question▾

Describe in Detail

नागार्जुन जी ने शिक्षा कहां से ग्रहण की है?

Explanation

उन्होंने बनारस और कोलकाता से शिक्षा ग्रहण की।

क्योंकि-कभी-कभी किसी व्यक्ति को अधिक शिक्षा प्राप्त करने के लिए कहीं दूर भी जाना पड़ता हैं।

”प्रख्यात कवि नागार्जुन जी के हृदय में शोषित व दलित वर्ग के प्रति अपार संवेदना देखने को मिलती है। उन्होंने अपनी कविताओं में पीड़ित व त्रस्त… (184 more words) …

Question number: 1427

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » नागार्जुन यह दंतुरित मुसकान, फसल

Short Answer Question▾

Write in Short

नागार्जुन को किस बात लिए सम्मानित किया गया है?

Question number: 1428

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » नागार्जुन यह दंतुरित मुसकान, फसल

Essay Question▾

Describe in Detail

नागार्जुन का मूल नाम क्या था?

Explanation

उनका मूल नाम वैद्यनाथ मिश्र था।

क्योंकि-हर व्यक्ति का वास्तविक नाम कुंडली के अनुसार रखा जाता हैं।

”प्रख्यात कवि नागार्जुन जी के हृदय में शोषित व दलित वर्ग के प्रति अपार संवेदना देखने को मिलती है। उन्होंने अपनी कविताओं में पीड़ित व त्रस्त व्यक्तियों के प्रति अद्धितीय सहानुभूति प्रदर्शित किया… (177 more words) …

Question number: 1429

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » नागार्जुन यह दंतुरित मुसकान, फसल

Essay Question▾

Describe in Detail

किस सन्‌ में उनका देहावसान हो गया?

Explanation

सन्‌ 1998 में उनका देहावसान हो गया।

क्योंकि-हर व्यक्ति की मृत्य भी इस संसार में निश्चित होती है।

”प्रख्यात कवि नागार्जुन जी के हृदय में शोषित व दलित वर्ग के प्रति अपार संवेदना देखने को मिलती है। उन्होंने अपनी कविताओं में पीड़ित व त्रस्त व्यक्तियों के प्रति अद्धितीय सहानुभूति प्रदर्शित… (178 more words) …

Question number: 1430

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » जयशंकर प्रसाद आत्मकथ्य

Essay Question▾

Describe in Detail

जयशंकर प्रसाद दव्ारा रचित उनकी आरम्भिक कविताएँ किस भाषा में थी? ं

Explanation

जयशंकर प्रसाद दव्ारा रचित उनकी आरम्भिक कविताएँ ब्र्रज भाषा में थीं।

क्योंकि-शुरूआत में कवि को लिखने के लिए ब्रज भाषा ही सरल लगी थी।

भाषा शैली- जयशंकर प्रसाद की रचनाएँ मौलिक व तीव्र अनुभूतियों से युक्त हैं। उनकी आरम्भिक कविताएँ ब्र्रज भाषा में थीं और उसके बाद उन्होंने खड़ी बोली… (76 more words) …

Question number: 1431

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » नागार्जुन यह दंतुरित मुसकान, फसल

Short Answer Question▾

Write in Short

नागार्जुन जी दव्ारा रचित उन्होंने अपनी रचनाओं में किस पर बल दिया है?

Question number: 1432

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » जयशंकर प्रसाद आत्मकथ्य

Essay Question▾

Describe in Detail

जयशंकर प्रसाद जी दव्ारा रचित उन्होंने अपने काव्यों किसको चित्रित किया है?

Explanation

जयशंकर प्रसाद जी दव्ारा रचित उन्होंने अपने काव्यों में प्रकृति, श्रृंगार, रहस्यवाद, दर्शन, प्रेम आदि से उत्पन्न अनुभूतियों का चित्रित किया है।

क्योंकि-ताकि कवि का काव्य ओर अधिक सुदंर दिखे।

भाषा शैली- जयशंकर प्रसाद की रचनाएँ मौलिक व तीव्र अनुभूतियों से युक्त हैं। उनकी आरम्भिक कविताएँ ब्र्रज भाषा में थीं… (82 more words) …

Question number: 1433

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » नागार्जुन यह दंतुरित मुसकान, फसल

Short Answer Question▾

Write in Short

नागार्जुन जी दव्ारा रचित उन्होंने अपनी कविताओं में किस का चित्रांकन किया है?

Question number: 1434

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » नागार्जुन यह दंतुरित मुसकान, फसल

Essay Question▾

Describe in Detail

नागार्जुन दव्ारा रचित काव्यों में पीड़ा का अधिक महत्व क्यों है?

Explanation

बचपन दुखों में व्यतीत होने के कारण ही उनके काव्य में पीड़ा का अधिक महत्व है।

क्योंकि-कवि के जीवन में अपार दुख होने से वह किसी न किसी माध्यम से उसे व्यक्त अवश्य करता हैं।

”प्रख्यात कवि नागार्जुन जी के हृदय में शोषित व दलित वर्ग के प्रति अपार संवेदना… (195 more words) …

Passage

सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’

Question number: 1435 (1 of 40 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नह

Short Answer Question▾

Write in Short

निराला जी की भाषा किनके अनुरूप परिवर्तित होती रहती है?

Question number: 1436 (2 of 40 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नह

Essay Question▾

Describe in Detail

निराला दव्ारा रचित उनके कहानी संग्रह में कौन-कौन सी रचनाएँ है?

Explanation

निराला दव्ारा रचित उनके कहानी संग्रह में लिली, सखी, सुकुन की बेटी, चतुर चमार। रचनाएँ है।

क्योंकि- कवि की कहानियाँ भी बहुत अच्छी है। उपर्युक्त कहानियाँ कवि प्रमुख है।

साहित्यक रचनाएँ- निराला जी एक महान साहित्यकार थे। उनका गद्य और काव्य दोनों ही विधाओं पर समान अधिकार था। उनकी प्रमुख… (47 more words) …

Question number: 1437 (3 of 40 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नह

Essay Question▾

Describe in Detail

निराला जी ने हिन्दी साहित्य को अपनी महान्‌ कृतियों से क्या किया?

Explanation

निराला जी ने हिन्दी साहित्य को अपनी महान्‌ कृतियों से अत्यंत समृद्ध किया।

क्योंकि-ताकि हिंदी साहित्य का ओर अधिक विस्तार हो सके। आने वाले लाेेगों को इन कृतियों से ज्ञान प्राप्त हो सके।

समस्या-बीच की।

”महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा… (215 more words) …

f Page
Sign In