क्षितिज(Kshitij-Textbook) (CBSE Class-10 Hindi): Questions 1406 - 1419 of 1777

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Question number: 1406

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » जयशंकर प्रसाद आत्मकथ्य

Essay Question▾

Describe in Detail

जयशंकर प्रसाद जी दव्ारा रचित उन्होंने अपनी रचनाओं में किसका गम्भीरता से वर्णन किया है?

Explanation

उन्होंने उन्होंने अपनी रचनाओं में प्राचीन भारतीय साहित्य, संस्कृति और प्रेमदर्शन का गम्भीरता से वर्णन किया है।

क्योंकि-ताकि उपरोक्त बातों का ज्ञान भी लोगों को हो सके।

काव्यगत विशेषताएँ- जयशंकर प्रसाद जी नाटक और काव्य क्षेत्र में मौलिकता लाने वाले प्रतिभा-सम्पन्न साहित्यकार हैं। उन्हे छायावादी काव्य धारा का प्रवर्तक माना… (55 more words) …

Question number: 1407

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » नागार्जुन यह दंतुरित मुसकान, फसल

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Describe in Detail

नागार्जुन जी स्वभाव कैसा था?

Explanation

वे मस्तमौला और फक्कड़ स्वभाव के थे।

क्योंकि -ऐसेे कवि पूर्ण रूप से स्वतंत्र होते है।

”प्रख्यात कवि नागार्जुन जी के हृदय में शोषित व दलित वर्ग के प्रति अपार संवेदना देखने को मिलती है। उन्होंने अपनी कविताओं में पीड़ित व त्रस्त व्यक्तियों के प्रति अद्धितीय सहानुभूति प्रदर्शित किया है।… (176 more words) …

Question number: 1408

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » नागार्जुन यह दंतुरित मुसकान, फसल

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Write in Short

नागार्जुन दव्ारा रचित काव्यों में और किस-किसका रूप देखने को मिलता हैं?

Question number: 1409

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » नागार्जुन यह दंतुरित मुसकान, फसल

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Describe in Detail

शिक्षा ग्रहण करने के बाद नागार्जुन को कहां जाने का भी अवसर मिला?

Explanation

शिक्षा ग्रहण करने के बाद नागार्जुन को विदेश जाने का अवसर भी मिला।

क्योंकि-कभी-कभी कोई व्यक्ति अच्छा पढ़ने के बाद उसे देश से बाहर जाने का अवसर मिलता है।

”प्रख्यात कवि नागार्जुन जी के हृदय में शोषित व दलित वर्ग के प्रति अपार संवेदना देखने को मिलती है। उन्होंने अपनी… (189 more words) …

Question number: 1410

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Describe in Detail

जयशंकर प्रसाद जी को किसका प्रवर्तक माना जाता है?

Explanation

उन्हें छायावादी काव्य धारा का प्रवर्तक माना जाता है।

क्योंकि-उनकी कविताएँ सबसे अधिक श्रेष्ठ रही हैं।

काव्यगत विशेषताएँ- जयशंकर प्रसाद जी नाटक और काव्य क्षेत्र में मौलिकता लाने वाले प्रतिभा-सम्पन्न साहित्यकार हैं। उन्हे छायावादी काव्य धारा का प्रवर्तक माना जाता है। उन्होंने नाटक और कविता के क्षेत्र की तरह ही… (44 more words) …

Question number: 1411

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » नागार्जुन यह दंतुरित मुसकान, फसल

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Write in Short

नागार्जुन जी दव्ारा रचित काव्यों में ओर किसका चित्रण हुआ है?

Passage

अट नहीं रही है

(1)

अट नहीं रही है

आभा फागुन की तन

सट नहीं रही है।

(2)

कहीं साँस लेेते हो,

घर-घर भर देते हो,

उड़ने को नभ में तुम

पर-पर कर देते हो,

आँख हटाता हूँ तो

हट नहीं रही है।

(3)

पत्तों से लदी डाल

कहीं हरी, कहीं लाल,

कहीं पड़ी है उर में

मंद-गंध- पुष्प-माल,

पाट-पाट शोभा-श्री

पट नहीं रही है।

Question number: 1412 (1 of 9 Based on Passage) Show Passage

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नाद-सौंदर्य क्या कहलाता है?

Question number: 1413 (2 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Write in Brief

काव्य के दो पक्ष कौन-कौन से होते है?

Question number: 1414 (3 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Write in Short

होली के आस-पास प्रकृति में जो परिवर्तन दिखाई देते हैं, उन्हें लिखिए।

Question number: 1415 (4 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Write in Short

छायावाद की एक खास विशेषता है अंतर्मन के भावों का बाहर की दुनिया से सामंजस्य बिठाना। कविता की किन पंक्तियों को पढ़कर यह धारणा पुष्ट होती है? लिखिए।

Question number: 1416 (5 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Write in Brief

अभिव्यक्ति पक्ष से क्या तात्पर्य है?

Question number: 1417 (6 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Write in Short

प्रस्तुत कविता में कवि ने प्रकृति की व्यापकता का वर्णन किन रूपों में किया है?

Question number: 1418 (7 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Write in Brief

अनुभूति से तात्पर्य किससे हैं?

Question number: 1419 (8 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Write in Short

फागुन में ऐसा क्या होता है जो बाकी ऋतुओं से भिन्न होता हैं?

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