कृतिका (Kritika-Textbook)-Prose (CBSE (Central Board of Secondary Education- Board Exam) Class-10 Hindi): Questions 80 - 97 of 461

Get 1 year subscription: Access detailed explanations (illustrated with images and videos) to 2295 questions. Access all new questions we will add tracking exam-pattern and syllabus changes. View Sample Explanation or View Features.

Rs. 1650.00 or

Passage

लेकिन बरखा न रुकी; और भी मुसलाधार पानी होने लगा। हम लोग पेड़ों की जड़ से धड़ से सट गए, जैसे कुत्ते के कान में अँठई (कुत्ते के शरीर में चिपके रहने वाले छोटे कीड़े, किलनी) चिपक जाती है। मगर बरखा जीम नहीं, थम गई। बरखा बंद होते ही बाग में बहुत-से-बिच्छु नज़र आए। हम लोग डरकर भाग चले। हम लोगों में बैजू बड़ा ढीठ था। संयोग की बात, बीच में मूसन तिवार मिल गए। बेचारे बूढ़े आदमी को सूझता कम था। बैजू उनको चिढ़कार बोला- बुढ़वा बेईमान माँगे करैला का चोखा।

Question number: 80 (2 of 6 Based on Passage) Show Passage

» कृतिका (Kritika-Textbook) » Prose » ममता का अँचल

Essay Question▾

Describe in Detail

बच्चों को रास्ते में कौन मिल गए थे?

Explanation

बच्चों रास्ते में मूसन तिवारी मिल गए थे। क्योंकि-बच्चों की टोली में कोई न कोई बच्चों को मिल ही जाता है जिसे बच्चे चिढ़ा सके।

… (147 more words) …

Question number: 81 (3 of 6 Based on Passage) Show Passage

» कृतिका (Kritika-Textbook) » Prose » ममता का अँचल

Essay Question▾

Describe in Detail

बच्चों ने मूसलाधार पानी आने पर क्या किया?

Explanation

बच्चों ने मूसलाधार पानी आने पर पेड़ों की जड़ से धड़ से सट गए, जैसे कुत्ते के कान अँठई चिपक जाती है। अर्थात (कुत्ते के शरीर में चिपके रहने वाले छोटे कीड़े, किलनी) । इस तरह वे पेड़ से चिपक जाते थे।

क्योंकि-लेकिन कभी आँधी के साथ मूसलाधार पानी इतनी तेज़ आता है कि बच्चे बहुत डर जाते हैं।

… (283 more words) …

Question number: 82 (4 of 6 Based on Passage) Show Passage

» कृतिका (Kritika-Textbook) » Prose » ममता का अँचल

Short Answer Question▾

Write in Short

बैजू ने तिवारी जी को चिढ़ाकर क्या बोला?

Question number: 83 (5 of 6 Based on Passage) Show Passage

» कृतिका (Kritika-Textbook) » Prose » ममता का अँचल

Essay Question▾

Describe in Detail

बच्चों में सबसे अधिक ढीठ कौन था?

Explanation

बच्चों में सबसे अधिक ढीठ बैजू था।क्योंकि-कोई कोई बच्चा सब बच्चो से अलग अधिक शैतान होता हैं।

… (106 more words) …

Question number: 84 (6 of 6 Based on Passage) Show Passage

» कृतिका (Kritika-Textbook) » Prose » ममता का अँचल

Essay Question▾

Describe in Detail

बरखा बंद होते ही बाग में क्या नजर आया थे?

Explanation

बरखा बंद होते ही बाग में बिच्छु नजर आए थे। क्योंकि-इस तरह ज़ोर से बरसात आने पर हर जगह तरह-तरह के जीव निकल जाते हैं।

… (116 more words) …

Passage

इंग्लैंड के अखबारों की कतरने हिंदुस्तान अखबारों में दूसरे दिन चिपकी नज़र आती थीं, कि रानी ने एक ऐसा हलके नीले रंग का सूट बनवाया है जिसका रेशमी कपड़ा हिंदुस्तान से मँगाया गया है…… कि करीब चार सौ पौंड खरचा उस सूट पर आया है।

Question number: 85 (1 of 4 Based on Passage) Show Passage

» कृतिका (Kritika-Textbook) » Prose » जॉर्ज पंचम की नाक

Short Answer Question▾

Write in Short

इस सूट का कपड़ा कहाँं से मंगवाया गया था?

Question number: 86 (2 of 4 Based on Passage) Show Passage

» कृतिका (Kritika-Textbook) » Prose » जॉर्ज पंचम की नाक

Short Answer Question▾

Write in Short

रानी ने कौनसे रंग का सूट बनवाया था?

Question number: 87 (3 of 4 Based on Passage) Show Passage

» कृतिका (Kritika-Textbook) » Prose » जॉर्ज पंचम की नाक

Short Answer Question▾

Write in Short

इस सूट के कपड़े का नाम क्या था?

Question number: 88 (4 of 4 Based on Passage) Show Passage

» कृतिका (Kritika-Textbook) » Prose » जॉर्ज पंचम की नाक

Short Answer Question▾

Write in Short

इस सूट पर कितना खर्च आया था?

Passage

बस, हम उठकर उछलने-कूदने लगते थे। फिर रस्सी में बँधा हुआ काठ का घोड़ा लेकर नंग-धड़ंग बाहर गली में निकल जाते थे।

Question number: 89 (1 of 1 Based on Passage) Show Passage

» कृतिका (Kritika-Textbook) » Prose » ममता का अँचल

Short Answer Question▾

Write in Short

बच्चे गली में कैसे निकलते थें?

Passage

थोड़ी देर बाद फिर लड़कों की मंडली जुट जाती थी। इकट्‌ठा होते ही राय जमती कि खेती की जाए। बस, चबूतरे के छोर पर घिरनी गड़ जाती और नीचे की गली कुआँ बन जाती थी। मूँज की बटी हुई पतली रस्सी में एक चुक्कड़ बाँध गराड़ी पर चढ़ाकर लटका दिया जाता औा दो लड़के बैल बनकर ‘मोट’ खींचने लग जाते। चबूतरा खेत बनता, कंकड़ बीज और ठेंगा हल-जुआठा। बड़ी मेहनत से खेत जोते-बोए और पटाए जाते। फसल तैयार होते देर न लगती और हम हाथोंहाथ फसल काट लेते थे। काटते समय गाते थे

ऊँच नीच में बई कियार, जो उपजी सो भई हमारी।

फसल को एक जगह रखकर उसे पैरों से रौंद डालते थे। कसोरे (मिट्टी का बना छिछला कटोरा) का सूप बनाकर ओसाते और मिट्टी की दीए के तराजू पर तौलकर राशि तैयार कर देते थे। इसी बीच बाबू जी आकर पूछ बैठते थे-इस साल की खेती कैसी रही भोलानाथ?

बस, फिर क्या, हम लोग ज्यों-का त्यों खेत-खलिहान छोड़कर हँसते हुए भाग जाते थे। कैसी मौज की खेती थी।

ऐसे-ऐसे नाटक हम लोग बराबर खेला करते थे। बटोही भी कुछ देर ठिठककर हम लोगों के तमाशे देख लेते थे।

Question number: 90 (1 of 7 Based on Passage) Show Passage

» कृतिका (Kritika-Textbook) » Prose » ममता का अँचल

Short Answer Question▾

Write in Short

बच्चों की यह खेती कैसी थी?

Question number: 91 (2 of 7 Based on Passage) Show Passage

» कृतिका (Kritika-Textbook) » Prose » ममता का अँचल

Essay Question▾

Describe in Detail

नाटक में फसल काटते समय बच्चे कौनसा गाना गाते थे?

Explanation

नाटक में फसल काटते समय बच्चे ऊँच नीच में बई कियार, जो उपजी सो भई हमारी। गाना गाते थे। क्योंकि-कभी-कभी बच्चे खेल में गाना भी गाते है जिससे उनका खेल का मजा बढ़ जाता हैं।

… (187 more words) …

Question number: 92 (3 of 7 Based on Passage) Show Passage

» कृतिका (Kritika-Textbook) » Prose » ममता का अँचल

Essay Question▾

Describe in Detail

बच्चे राशि कैसे तैयार करते थे?

Explanation

कसोरे (मिट्टी का बना छिछला कटोरा) का सूप बनाकर ओसाते और मिट्टी की दीए के तराजू पर तौलकर राशि तैयार कर देते थे।

क्योंकि-कई बच्चें खेल में ही नई चीज़ बनाते थे।

… (170 more words) …

Question number: 93 (4 of 7 Based on Passage) Show Passage

» कृतिका (Kritika-Textbook) » Prose » ममता का अँचल

Short Answer Question▾

Write in Short

बटोही क्या करते थे?

Question number: 94 (5 of 7 Based on Passage) Show Passage

» कृतिका (Kritika-Textbook) » Prose » ममता का अँचल

Short Answer Question▾

Write in Short

खेत के नाटक में बाबूजी आकर बच्चों से क्या पूछंते है?

Question number: 95 (6 of 7 Based on Passage) Show Passage

» कृतिका (Kritika-Textbook) » Prose » ममता का अँचल

Short Answer Question▾

Write in Short

बाबू जी के पूछने पर बच्चे क्या करते थे?

Question number: 96 (7 of 7 Based on Passage) Show Passage

» कृतिका (Kritika-Textbook) » Prose » ममता का अँचल

Essay Question▾

Describe in Detail

बच्चे नाटक में खेत कैसे तैयार करते थे?

Explanation

बच्चे एक चबूतरे को खेत बनाते है उसमें वे चबूतरे की छोर पर घिरनी गड़ा देते और नीचे की गली कुआँ बन जाती थी। मूँज की बटी हुई पतली रस्सी में एक चुक्कड़ बाँध गराड़ी पर चढ़कार लटका दिया जाता और दो लड़के बैल बनकर ‘मोट’ खीेचने लग जाते। फिर कंकड़ के बीज होते और ठेंगा हल- जुआठा। इस प्रकार बच्चे नाटक मे खेत तैयार करते थे।

क्योंकि-कई बच्चे कुछ खेल में अलग ही कर

… (366 more words) …

Passage

हम लोगों ने भी, बैजू के सुर-में सुर मिलाकर यही चिल्लाना शुरु किया। मूसन तिवारी ने बेतहाशा खदेड़ा हम लोग तो बस अपने-अपने घर की ओर आँधी हो चले।

जब हम लोग न मिल सके तब तिवारी जी सीधे पाठशाला में चले गए। वहाँ से हमको और बैजू को पकड़ लाने के लिए चार लड़के ’गिरफ्तारी वारंट’ लेकर छूटे। इधर ज्यों ही हम लोग घर पहुँचे, त्यों ही गुरु जी के सिपाही हम लोगों पर टूट पड़े। बैजू तो नौ-दो ग्यारह हो गया; हम पकड़ गए। फिर तो गुरु जी ने हमारी खूब खबर ली।

बाबू जी ने यह हाल सुना। वह दौड़े हुए पाठशाला में आए। गोद में उठाकर हमें पुचकारने और फुसलाने लगे। पर हम दुलारने से चुप होनेवाले लड़के नहीं थे। रोते-रोते उनका कंधा आँसुओं से तर कर दिया। वह गुरु जी की चिरौरी (दीनतापूर्वक की जाने वाली प्रार्थना, विनती) करके हमें घर ले चले। रास्ते में फिर हमारे साथी लड़कों का झुंड मिला। वे ज़ोर से नाचते और गाते थे-

माई पकाई गरर गरर पूआ, हम खाइब पूआ, ना खेलब जुआ।

Question number: 97 (1 of 5 Based on Passage) Show Passage

» कृतिका (Kritika-Textbook) » Prose » ममता का अँचल

Short Answer Question▾

Write in Short

बैजू के इस तरह चिढ़ाने पर तिवारी जी ने क्या किया?

f Page
Sign In