कृतिका (Kritika-Textbook)-Prose (CBSE (Central Board of Secondary Education- Board Exam) Class-10 Hindi): Questions 396 - 411 of 461

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Passage

मैं कुछ पूछती कि वह फिर चाले हो गया, ”मैडम यूमथांग भी पहले टूरिस्ट स्पॉट नहीं था। यह तो सिक्किम जब भारत में मिला उसके भी कई वर्षो बाद भारतीय आर्मी के कप्तान शेखर दत्ता के दिमाग में आया कि यहाँ सिर्फ़ फ़ौजियों को रखकर क्या होगा, घाटियों के बीच रास्ते निकालकर इसे टूरिस्ट स्पॉट बनाया जा सकता है। आप देखिए, अभी भी रास्ते बन रहे हैं।”

’हाँ, रास्ते अभी भी बन रहे हैं। नए-नए स्थानों की खोज अभी भी जारी है। शायद मनुष्य की इसी असमाप्त खोज का नाम सौंदर्य है’…. मन-ही-मन मैं कहती हूँ।

जीप आगे बढ़ने लगती है।

Question number: 396 (1 of 2 Based on Passage) Show Passage

» कृतिका (Kritika-Textbook) » Prose » साना-साना हाथ जोड़ि

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यूमथांग टूरिस्ट स्पॉट कब बना था?

Question number: 397 (2 of 2 Based on Passage) Show Passage

» कृतिका (Kritika-Textbook) » Prose » साना-साना हाथ जोड़ि

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किन-किन स्थानों की खोज जारी है?

Passage

तो हिरोशिमा में सब देखकर भी तत्काल कुछ लिखा नहीं, क्योंकि इसी प्रत्यक्ष अनुभूति की कसर थी। फिर एक दिन वहीं सड़क पर घूमते हुए देखा कि एक जले हुए पत्थर पर एक लंबी उजली छाया है-विस्फोट के समय वहाँ कोई खड़ा रहा होगा और विस्फोट से बिखरे हुए रेडियम-धर्मी पदार्थ की किरणें उसमें रुद्ध (बंद हो गई, फँस गई) हो गई होंगी। जो आस-पास से आगे बढ़ गई उन्होंने पत्थर को झुलसा दिया, जो उस व्यक्ति पर अटकीं उन्होंने उसे भाप बनाकर उड़ा दिया होगा। इस प्रकार सूमूची ट्रेजडी जैसे पत्थर पर लिखी गई।

Question number: 398 (1 of 2 Based on Passage) Show Passage

» कृतिका (Kritika-Textbook) » Prose » मैं क्यों लिखता हूँ?

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लेखक ने यह सब देखकर भी तत्काल कुछ क्यों नहीं लिखा?

Question number: 399 (2 of 2 Based on Passage) Show Passage

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पत्थर पर क्या लिखा था?

Passage

दरअसल मंत्रमुग्ध-सी मैं तंद्रिल अवस्था में ही थोड़ी दूर तक निकल आई थी कि अचानक पाँवों पर ब्रेक सी लगी…. जैसे समाधिस्थ भाव में नृत्य करती किसी आत्मलीन नृत्यांगना के नुपूर अचानक टूट गए हों। मैंने देखा इस अदव्तीय सौंदर्य से निरपेक्ष कुछ पहाड़ी औरतें पत्थरों पर बैठीं पत्थर तोड़ रही थीं। गुँथे आटे-सी कोमल काया पर हाथों में कुदाल और हथौड़े! कईयों की पीठ पर बँधी डोको (बड़ी टोकरी) में उनके बच्चे भी बँधे हुए थे। कुछ कुदाल को भरपूर ताकत के साथ ज़मीन पर मार रही थीं।

Question number: 400 (1 of 2 Based on Passage) Show Passage

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वहाँ की पहाड़ी औरते व बच्चे क्या कर रहे थे?

Question number: 401 (2 of 2 Based on Passage) Show Passage

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लेखिका को तंद्रिल अवस्था के बाद क्या हुआ?

Passage

फेंकू सरदार की चौड़ी और पुष्ठ पीठ पर शपाशप झाडू झाड़ती तथा उसके पीछे-पीछे धमाधम सीढ़ी उतरती दुलारी चिल्लाई, ”निकल-निकल, अब मेरी देहरी डाँका (लाँघना) ं तो तेरी दाँत से नाक काट लूँगी।”

उत्कट क्रोध से दुलारी के नथने फूल गए थे, अधर फड़क रहा था, आँखों से ज्वाला-सी निकल रही थी। फेंकू के गली में निकलते ही दरवाजा बंद कर लिया। उधर पुलिस रिपोर्टर से आँखे चार होते ही झेंपने के बावजूद लाचार-सा होकर फेंकू उसकी ओर बढ़ा और इधर धीरे-धीरे दुलारी आँगन में लौटी। आँगन में खड़ी उसकी संगनियों और पड़ोसिनों ने उसकी ओर कुतूहल-भरी दृष्टि से देखा, परंतु दुलारी ने उनकी ओर आँख तक न उठाई। सीढ़ी चढ़कर उपेक्षा से झाडू अपनी कोठरी के दव्ार पर फेंकती हुई वह अपनी कोठरी जा घुसी। चूल्हे पर बटलोही में दाल चुर रही थी। उसने पैर की एक ठोकर से बटलोही उलट दी। सारी दाल चूल्हे में जा गिरी। आग बुझ गई।

Question number: 402 (1 of 3 Based on Passage) Show Passage

» कृतिका (Kritika-Textbook) » Prose » एही ठैयाँ झुलती हेरानी हो रामा!

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फेंकू के दरवाजे से बाहर निकलते ही कौन मिला?

Question number: 403 (2 of 3 Based on Passage) Show Passage

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दुलारी को संगनियों और पड़ोसिनों ने किस दृष्टि से देखा?

Question number: 404 (3 of 3 Based on Passage) Show Passage

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जुलूस के निकल जाने के बाद दुलारी ने फेंकू के साथ क्या किया?

Passage

दुलारी फेंकू को उत्तर देना ही चाहती थी कि जलाने के लिए विदेशी वस्त्रों का संग्रह करता हुआ देश के दीवानों का दल भैरवनाथ की सँकरी गली में घुसा और ’भारतजननि तेरी जय, तेरी जय हो’ गीत ध्वनि से उभय पार्श्व (दोनों तरफ) खड़ी इमारतों की प्रत्येक कोठरी में गूँज गई। एक बड़ी सी चादर फेलाकर चार व्यक्तियों ने उसके चारों कोनों को मजबूती से पकड़ रखा था। उसी पर खिड़िकियों से धोती, साड़ी, कमीज, कुरता, टोपी आदि की वर्षा हो रही थी।

Question number: 405 (1 of 5 Based on Passage) Show Passage

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फेंकू ने क्या जवाब दिया?

Question number: 406 (2 of 5 Based on Passage) Show Passage

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विदेशी वस्त्रों का संग्रह करता हुआ देश के दीवानों का दल कौनसी गली में घुसा?

Question number: 407 (3 of 5 Based on Passage) Show Passage

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दुलारी ने क्या किया?

Question number: 408 (4 of 5 Based on Passage) Show Passage

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उन इमारतों खिड़िकियों से क्या वर्षा हो रही है।

Question number: 409 (5 of 5 Based on Passage) Show Passage

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कौनसे गाने की ध्वनि दोनों तरफ खड़ी इमारतों की प्रत्येक कोठरी में गूँज गई।

Passage

इस नाक की भी एक लंबी दास्तान है। इस नाके लिए तहलके मचे थे किसी वक्त! आदोंलन हुए थे । राजनीतिक पार्टियों ने प्रस्ताव पास किए थे। चंदा जमा किया था। कुछ नेताओ ने भाषण भी दिए थे। गरमागरम बहसें भी हुई थीं। अखबारों के पन्ने रंग गए थे बहस इस बात पर थी कि जॉर्ज पंचम की नाक रहने दी जाए या हटा दी जाए! और जैसा कि हर राजनीतिक आंदोलन में होता है, कुछ पक्ष में थे कुछ विपक्ष में और ज्यादातर लोग खामोश थे। खामोश रहने वालों की ताकत दोनों तरफ़ थी….

Question number: 410 (1 of 3 Based on Passage) Show Passage

» कृतिका (Kritika-Textbook) » Prose » जॉर्ज पंचम की नाक

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इस नाक की लंबी दास्तान क्या थी?

Question number: 411 (2 of 3 Based on Passage) Show Passage

» कृतिका (Kritika-Textbook) » Prose » जॉर्ज पंचम की नाक

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हर राजनीतिक आंदोलन में क्या होता हैं?

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