कृतिका (Kritika-Textbook) (CBSE Class-10 Hindi): Questions 410 - 427 of 461

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Passage

इस नाक की भी एक लंबी दास्तान है। इस नाके लिए तहलके मचे थे किसी वक्त! आदोंलन हुए थे । राजनीतिक पार्टियों ने प्रस्ताव पास किए थे। चंदा जमा किया था। कुछ नेताओ ने भाषण भी दिए थे। गरमागरम बहसें भी हुई थीं। अखबारों के पन्ने रंग गए थे बहस इस बात पर थी कि जॉर्ज पंचम की नाक रहने दी जाए या हटा दी जाए! और जैसा कि हर राजनीतिक आंदोलन में होता है, कुछ पक्ष में थे कुछ विपक्ष में और ज्यादातर लोग खामोश थे। खामोश रहने वालों की ताकत दोनों तरफ़ थी….

Question number: 410 (1 of 3 Based on Passage) Show Passage

» कृतिका (Kritika-Textbook) » Prose » जॉर्ज पंचम की नाक

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बहस किस बात पर हो रही थी?

Question number: 411 (2 of 3 Based on Passage) Show Passage

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इस नाक की लंबी दास्तान क्या थी?

Question number: 412 (3 of 3 Based on Passage) Show Passage

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हर राजनीतिक आंदोलन में क्या होता हैं?

Passage

हुक्कामों के चेहरों पर उदासी के बादल छा गए। एक खास कमेटी बनाई गई और उसके जिम्मे यह काम दे दिया गया कि जैसे भी हो, यह काम होना है और इस नाक का दारोमदार (किसी कार्य के होने या न होने की पूरी जिम्मेदारी, कार्यभार) आप पर है।

आखिर मूर्तिकार को फिर बुलाया गया, उसने मसला हल कर दिया। वह बोला ”पत्थर की किस्म का ठीक पता नहीं चला तो परेशान मत होइए, मैं हिंदुस्तान के हर पहाड़ पर जाऊँगा और ऐसा ही पत्थर खोजकर लाऊँगा।” कमेटी के सदस्यों की जान में जान आई। सभापति ने चलते-चलते गर्व से कहा ”ऐसी क्या चीज है जो हिंदुस्तान में मिलती नहीं। हर चीज इस देश के गर्भ में छीपी है, जरूरत खोज करने की है। खोज करने के लिए मेहनत करनी होगी। इस मेहनत का फल हमें मिलेगा…. आने वाला ज़माना खुशहाल होगा।”

यह छोटा-सा भाषण फ़ौरन अखबारों में छप गया।

Question number: 413 (1 of 4 Based on Passage) Show Passage

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मूर्तिकार ने मसला हल कैसे किया?

Question number: 414 (2 of 4 Based on Passage) Show Passage

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अखबार में फ़ौरन क्या छप गया?

Question number: 415 (3 of 4 Based on Passage) Show Passage

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मूर्तिकार की बात सुनकर सभापति ने चलते-चलते गर्व से क्या कहा?

Question number: 416 (4 of 4 Based on Passage) Show Passage

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खास कमेटी में क्या तय किया गया?

Passage

और कोई दिन होता तो दुलारी इस समाचार पर हँस पड़ती, टुन्नू को दो-चार गालियाँ सुनाती, परंतु आज यह संवाद सुन वह स्तब्ध हो गई। उसने यह भी न पूछा कि घटना कहाँ और किस तरह हुई। कभी किसी बात पर न पसीजने वाला उसका हृदय कातर हो उठा और सदैव मरुभूमि की तरह धू-धू जलने वाली उसकी आँखों में मेघमाला (आँसुओं की झड़ी) घिर आई।

उसने पड़ोसिनों की निगाह से अपने आँसुओं को छिपाने का कोई प्रयत्न नहीे किया। पड़ोसिनें भी कर्कशा दुलारी के हृदय की यह कोमलता देख दंग रह गई। उन्होंने दुलारी के दुलारी के इस आचरण को बार- वनिता-सुलभ अभिनय-मात्र समझा। बिट्टो ने दिल्लगी भी की।

”मुझे लुका-छिपी फूटी आँख नहीं सुहाती। मैंने तो आज तक जो कुछ भी किया, सब डंके की चोट” दुलारी ने कहा। वह उठी और सबके सामने संदूक खोल उसमें से टुन्नू की दी हुई आँसुओं के काले धब्बों से भरी खद्दर की धोती निकाल उसने पहन ली। उसने झींगुर को बलाकर पूछा, ” ”टुन्नू कहाँ मारा गया? ” झींगुर ने बताया, ”टाउल हॉल! ” और जब वह टाउल हॉल जाने के लिए घर से बाहर निकली तो दरवाज़े पर ही थाने के मुंशी के साथ फेंकू सरदार ने आकर कहा कि दुलारी को थाने जाना होगा, आज अमन सभा दव्ारा आयोजित समारोह में उसे गाना पड़ेगा।

Question number: 417 (1 of 7 Based on Passage) Show Passage

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दुलारी ने झींगुर से क्या पूछा?

Question number: 418 (2 of 7 Based on Passage) Show Passage

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दुलारी के दरवाजे पर कौन आ गया?

Question number: 419 (3 of 7 Based on Passage) Show Passage

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दुलारी के किस आचरण को पड़ोसिन ने अभिनय- मात्र समझा?

Question number: 420 (4 of 7 Based on Passage) Show Passage

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मुंशी ने आकार दुलारी से क्या कहा?

Question number: 421 (5 of 7 Based on Passage) Show Passage

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दुलारी ने क्या कहा?

Question number: 422 (6 of 7 Based on Passage) Show Passage

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झींगुर ने क्या जवाब दिया?

Question number: 423 (7 of 7 Based on Passage) Show Passage

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पड़ोसिन क्या देख कर दंग रह गई?

Passage

टुन्नू को विदा करने के बाद दुलारी प्रकृतिस्थल हुई तो सहसा उसे खयाल पड़ा कि आज टुन्नू की वेशभूषा में भारी अंतर था। आबरवाँ (बहुत बारीक मलमल) की जगह ख द्दर का कुरता और लखनवी दोपलिया की जगह गांधी टोपी देखकर दुलारी ने टुन्नू से उसका कारण पूछना चाहा था। परंतु उसका अवसर ही नहीं आया। उसने धीरे-धीरे जाकर अपने कपड़ों का संदूक खोला और उसमें बड़े यत्न से टुन्नू दव्ारा दी गई साड़ी सब कपड़ों के नीचे दबाकर रख दी।

Question number: 424 (1 of 4 Based on Passage) Show Passage

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टुन्नू ने क्या पहन रखा था?

Question number: 425 (2 of 4 Based on Passage) Show Passage

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दुलारी ने धीरे-धीरे जाकर क्या खोला?

Question number: 426 (3 of 4 Based on Passage) Show Passage

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संदूक में क्या रखा हुआ था?

Question number: 427 (4 of 4 Based on Passage) Show Passage

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टुन्नू को विदा करने के बाद दुलारी को क्या खयाल आया था?

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