CBSE Class-10 Hindi: Questions 1380 - 1391 of 2295

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Passage

कवित्त

फटिक सिलानि सौं सुधार्‌यों सुधा मंदिर,

उदधि दधि को सो अधिकाइ उमगे अमंद।

बाहर ते भीतर लौं भीति न दिखैए ’देव’

दूध को सो फेन फैल्यों आंगन फरसबंद।

तारा सी तरुनि तामें ठाढ़ी झिलमिली होति,

मोतिन की ज्योति मिल्यो मल्लिका को मकरंद।

आरसी से अंबर में आभा सी उजारी लगै,

प्यारी राधिका को प्रतिबिंब सो लगत चंद।।

Question number: 1380 (4 of 4 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » देव सवैया, कवित्त

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कवि देव दव्ारा रचित प्रस्तुत प्रसंग का भाव सौंदर्य क्या है?

Question number: 1381

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूरदास पद

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सूरदास के किस वर्णन के दव्ारा उन्हें जंमांध नहीं कहा जा सकता?

Question number: 1382

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » मंगलेश डबराल संगतकार

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डबराल जी को किस पुरस्कार तथा किस सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है?

Question number: 1383

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » मंगलेश डबराल संगतकार

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मंगलेश डबराल के दव्ारा रचित मुख्य रूप से इनके चार कविता संग्रहों के नाम क्या है?

Question number: 1384

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » गिरिजाकुमार माथुर छाया मत छूना

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उसके बाद गिरिजा जी ने कौनसा कार्य किया?

Passage

(3)

दुविधा-हत साहस है, दिखता है पंथ नहीं,

देह सुखी हो पर मन के दुख का अंत नहीं।

दुख है न चांद खिला शरद-रात आने पर,

क्या हुआ जो खिला फूल रस-बसंत जाने पर?

जो न मिला भूल उसे कर तू भविष्य वरण,

छाया मत छूना

मन, होगा दुख दूना।

Question number: 1385 (1 of 12 Based on Passage) Show Passage

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माथुर जी दव्ारा रचित प्रस्तुत प्रसंग के काव्य-सौंदर्य क्या है?

Question number: 1386 (2 of 12 Based on Passage) Show Passage

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माथुर दव्ारा रचित प्रस्तुत प्रसंग की व्याख्या में कवि के अनुसार मन में किसका अंत नहीं हो सकता है?

Question number: 1387 (3 of 12 Based on Passage) Show Passage

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माथुर दव्ारा रचित प्रस्तुत प्रसंग की व्याख्या में कवि के अनुसार शरीर के आराम के लिए मनुष्य के पास क्या है?

Question number: 1388 (4 of 12 Based on Passage) Show Passage

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माथुर दव्ारा रचित प्रस्तुत प्रसंग की व्याख्या में बसंत में किसका महत्व अधिक होता है?

Question number: 1389 (5 of 12 Based on Passage) Show Passage

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कवि माथुर जी दव्ारा रचित प्रस्तुत प्रसंग के भाव-सौंदर्य क्या है?

Question number: 1390 (6 of 12 Based on Passage) Show Passage

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माथुर दव्ारा रचित प्रस्तुत प्रसंग की व्याख्या में कवि के अनुसार समय बीतने के बाद किसकी उपादेयता नहीं रहती है?

Question number: 1391 (7 of 12 Based on Passage) Show Passage

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माथुर दव्ारा रचित प्रस्तुत प्रसंग की व्याख्या में किसके जाने के बाद फूलों का खिलना मनुष्य को आनंद भी प्रदान कर सकता है?

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