CBSE Class-10 Hindi: Questions 1367 - 1379 of 2295

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Passage

छाया मत छूना

मन, होगा दुख दुना।

जीवन में हैं सुरंग सुधियां सुहावनी

छवियों को चित्र-गंध फैली मनभावनी:

तन-सुगंध शेष रही, बीत गई यामिनी,

कुंतल के फूलों की याद बनी चाँंदनी।

भूल-सी एक छुअन बनता हर जीवित क्षण-

छाया मत छूना

मन, होगा दुख दूना।

Question number: 1367 (12 of 13 Based on Passage) Show Passage

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माथुर जी द्वारा रचित प्रस्तुत प्रसंग की व्याख्या में कवि के अनुसार क्या व्यतीत हो रहा है?

Question number: 1368 (13 of 13 Based on Passage) Show Passage

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माथुर जी द्वारा रचित प्रस्तुत प्रसंग की व्याख्यां में कवि के अनुसार चाँदनी में क्या याद दिलाता है?

Question number: 1369

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माथुर जी की विचारधाराएं क्या थी?

Question number: 1370

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माथुर जी दव्ारा रचित उन्होंने अपने काव्यों में किस पर बल दिया है?

Question number: 1371

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किसको हिन्दी साहित्य का सूर्य कहा जाता हैं?

Question number: 1372

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तुलसीदास जी की मृत्यु कहाँ व किस सन्‌ में हुई थी?

Question number: 1373

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तुलसीदास जी रचनाओं में किन शब्दों की अधिकता होते हुए भी भाषा में कलिष्टता नहीं आ पाई है?

Question number: 1374

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किस नगर व पुस्तकालय के अनुसार सूरदास के ग्रन्थों की संख्या 25 मानी जाती है?

Question number: 1375

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तुलसीदास जी दव्ारा रचित रचनाओं में से कितनी रचनाएँ प्रमाणिक निकली है?

Question number: 1376

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तुलसीदास जी का बचपन कैसे व्यतीत हुआ?

Passage

कवित्त

फटिक सिलानि सौं सुधार्‌यों सुधा मंदिर,

उदधि दधि को सो अधिकाइ उमगे अमंद।

बाहर ते भीतर लौं भीति न दिखैए ’देव’

दूध को सो फेन फैल्यों आंगन फरसबंद।

तारा सी तरुनि तामें ठाढ़ी झिलमिली होति,

मोतिन की ज्योति मिल्यो मल्लिका को मकरंद।

आरसी से अंबर में आभा सी उजारी लगै,

प्यारी राधिका को प्रतिबिंब सो लगत चंद।।

Question number: 1377 (1 of 4 Based on Passage) Show Passage

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देव कवि दव्ारा रचित प्रस्तुत प्रसंग में कवि ने किसका वर्णन किया है?

Question number: 1378 (2 of 4 Based on Passage) Show Passage

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कवि देव दव्ारा रचित प्रस्तुत प्रसंग में क्या कहना चाह रहे है?

Question number: 1379 (3 of 4 Based on Passage) Show Passage

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कवि देव दव्ारा रचित प्रस्तुत प्रसंग के शिल्प सौंदर्य क्या है?

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