CBSE (Central Board of Secondary Education- Board Exam) Class-10 Hindi: Questions 1347 - 1357 of 2295

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Passage

5

तुम्ह तौ कालु हाँक जनु लावा। बार बार मोहि लागि बोलावा।

सुनत लखन के बचन कठोरा। परसु सुधारि धरेउ कर घोरा।।

अब जनि देइ दोसु मोहि लोगू। कटुबादी बालक बधजोगू।।

बाल बिलोकि बहुत मैं बाँचा। अब येहु मरनिहार भा साँचा।।

कौसिक कहा छमिअ अपराधू। बाल दोष गुन गनहिं न साधू।।

खर कुठार मैं अकरुन कोही। आगे अपराधी गुरुद्रोही।।

उतर देत छोड़ौं बिनु मारे। केवल कौसिक सील तुम्हारे।।

न त येहि काटि कुठार कठोरे। गुरहि उरिन होतेउँ श्रम थोरे।।

गाधिसु नु कह हृदय हसि मुनिहि हरियरे सूझ।

अयमय खाँड़ न ऊखमय अजहुँ न बूझ अबूझ।।

Question number: 1347 (3 of 8 Based on Passage) Show Passage

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तुलसीदास जी दव्ारा रचित उपरोक्त प्रसंग के भाव-सौंदर्य क्या हैं?

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Question number: 1348 (4 of 8 Based on Passage) Show Passage

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तुलसीदास जी दव्ारा रचित उपरोक्त प्रसंग में लक्ष्मण जी के कठोर वचन सुनकर परशुराम जी ने क्या किया?

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Question number: 1349 (5 of 8 Based on Passage) Show Passage

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तुलसीदास जी दव्ारा रचित उपरोक्त प्रसंग की व्याख्या में लक्ष्मण ने परशुराम जी से क्या कहा?

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Question number: 1350 (6 of 8 Based on Passage) Show Passage

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तुलसीदास जी दव्ारा रचित उपरोक्त प्रसंग का शिल्प-सौंदर्य क्या है?

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Question number: 1351 (7 of 8 Based on Passage) Show Passage

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तुलसीदास जी दव्ारा रचित उपरोक्त प्रसंग में विश्वामित्र जी कहने पर परशुराम जी ने क्या कहा?

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Question number: 1352 (8 of 8 Based on Passage) Show Passage

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तुलसीदास जी दव्ारा रचित प्रस्तुत प्रसंग में किस समय का वर्णन है?

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Question number: 1353

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शिवसिंह ’सरोज’ के अनुसार देव दव्ारा रचित उनके ग्रंथों की कितनी संख्या है?

Question number: 1354

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इलाहाबाद में काम करने के बाद डबराल जी ने किस सन्‌ में किस समाचार पत्र के संपादक के पद में काम किया?

Question number: 1355

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गिरिजाकुमार माथुर नई कविता के कौनसे मिज़ाज के कवि माने जाते हैं?

Passage

छाया मत छूना

मन, होगा दुख दुना।

जीवन में हैं सुरंग सुधियां सुहावनी

छवियों को चित्र-गंध फैली मनभावनी:

तन-सुगंध शेष रही, बीत गई यामिनी,

कुंतल के फूलों की याद बनी चाँंदनी।

भूल-सी एक छुअन बनता हर जीवित क्षण-

छाया मत छूना

मन, होगा दुख दूना।

Question number: 1356 (1 of 13 Based on Passage) Show Passage

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माथुर जी द्वारा रचित प्रस्तुत प्रसंग की व्याख्यां में कवि के अनुसार सुख के दिन बीत जाने के बाद अब उनका क्या रह गया है?

Question number: 1357 (2 of 13 Based on Passage) Show Passage

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माथुर जी द्वारा रचित प्रस्तुत प्रसंग की व्याख्या में कवि के अनुसार मन को क्या भाने लगा है?

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