CBSE Class-10 Hindi: Questions 71 - 88 of 2295

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Passage

पिता जी हमें बड़े प्यार से ’भोलानाथ’ कहकर पुकारा करते। पर असल में हमारा नाम था ’तारकेश्वरनाथ’। हम भी उनको ’बाबू जी’ कहकर पुकारा करते और माता को ’मइयाँ।

Question number: 71 (2 of 3 Based on Passage) Show Passage

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बाबूजी प्यार से तारकेश्वरनाथ को क्या कह कर बुलाते थे?

Question number: 72 (3 of 3 Based on Passage) Show Passage

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बच्चा माता पिता को क्या कह कर बुलाता था?

Passage

जहाँ लड़कों का संग, तहाँ बाजे मृदंग (एक तरह का वाद्य यंत्र)

जहाँ बुढडों का संग, तहाँ खरचे का तंग

हमारे पिता तड़के (प्रभात, सवेरा) उठकर, निबट-नहाकर पूजा करने बैठ जाते थे। हम बचपन से ही उनके अंग लग गए थे। माता से केवल दूध पीने तक का नाता था। इसलिए पिता के साथ ही हम भी बाहर की बैठक में ही सोया करते। वह अपने साथ ही हमें भी उठाते और साथ ही नहला-धुलाकर पूजा पर बिठा लेते। हम भभूत का तिलक लगा देने के लिए उनको दिक करने लगते थे। कुछ हँसकर, कुछ झुँझलाकर और कुछ डाँटकर वह हमारे चौड़े लिलार (ललाट) में त्रिपुंड (एक प्रकार का तिलक जिसमें ललाट पर तीन आड़ी या अर्धचंद्राकार रेखाएँ बनाई जाती हैं) कर देते थे। हमारे लिलार में भभूत खूब खुलती थी। सिर में लंबी-लंबी जटाएँ थीं। भभूत रमाने से हम खासे ’बम-भोला’ बन जाते थे।

Question number: 73 (1 of 5 Based on Passage) Show Passage

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मृदंग क्या है?

Question number: 74 (2 of 5 Based on Passage) Show Passage

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त्रिपुंड क्या होता हैं?

Question number: 75 (3 of 5 Based on Passage) Show Passage

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बच्चे भभूत रमाने से क्या बन जाते थे?

Question number: 76 (4 of 5 Based on Passage) Show Passage

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माता से बच्चें का कैसा नाता था?

Question number: 77 (5 of 5 Based on Passage) Show Passage

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पिता जी के साथ पूजा में कौन बैठता था?

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उनके साथ हँसते-हँसते जब हम घर आते तब उनके साथ ही हम भी चौके पर खाने बैठते थे। वह हमें ही हाथ से, फूल के एक कटोरे में गोरस और भात सानकर (मिलाना, लपेटना, गूँधना) खिलाते थे। जब हम खाकर अफर (भर पेट से अधिक खा लेना) जाते तब मइयाँ थोड़ा और खिलाने के लिए हठ करती थी। वह बाबू जी कहने लगती-आप तो चार-चार दाने के कौर बच्चे के मुँह में देते जाते हैं; इससे वह थोड़ा खाने पर भी समझ लेता है कि हम बहुत खा गए; आप खिलाने का ढंग नहीं जानते-बच्चे को भर-मुँह कौर खिलाना चाहिए।

जब खाएगा बड़े-बड़े कौर, तब पाएगा दुनिया में ठौर (स्थान, अवसर) ।

-देखिए, मैं खिलाती हूँ। मरदुए क्या जाने कि बच्चों को कैसे खिलाना चाहिए, और महतारी (माता) के हाथ से खाने पर बच्चों का पेट भी भरता है।

Question number: 78 (1 of 6 Based on Passage) Show Passage

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महतारी (माता) के हाथ से खाने पर क्या होता है?

Question number: 79 (2 of 6 Based on Passage) Show Passage

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हतारी का अर्थ क्या होता हैं?

Question number: 80 (3 of 6 Based on Passage) Show Passage

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अफर क्या हैं?

Question number: 81 (4 of 6 Based on Passage) Show Passage

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पिताजी खाने में बच्चों को क्या खिलाते थें?

Question number: 82 (5 of 6 Based on Passage) Show Passage

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मइयाँ पिता जी से क्या कहती हैं?

Question number: 83 (6 of 6 Based on Passage) Show Passage

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मइयाँ के अनुसार बड़े-बड़े कौर खाने से क्या होता हैं?

Passage

फिर क्या था, हमारा रोना-धोना भूल गया। हम हठ करके बाबू जी गोद से उतर पड़े और लड़कों की मंडली में मिलकर लगे वही तान-सुर अलापने। तब तक सब लड़के सामनेवाले मकई के खेत में दौड़ पड़े। उसमें चिड़ियों का झुंड चर रहा था। वे दौड़-दौड़कर उन्हें पकड़ने लगे, पर एक भी हाथ न आई। हम खेत से अलग ही खड़े होकर गा रहे थे-

’राम जी की चिरई, राम जी का खेत, खा लो चिरई, भर-भर पेट।

हमसे कुछ दूर बाबू जी और हमारे गाँव के कई आदमी खड़े होकर तमाशा देख रहे थे और यही कहकर हँसते थे कि ’चिड़िया की जान जाए, लड़कों का खिलौना’ । सचमुच ’लड़के और बंदर पराई पीर नहीं समझते।’

एक टीले पर जाकर हम लोग चूहों के बिल से पानी उलीचने लगे। नीचे से ऊपर पानी फेंकना था। हम सब थक गए। तब तक गणेश जी के चूहे के रक्षा के लिए शिव जी का साँप निकल आया था। रोते-चिल्लाते हम लोग बेतहाशा भाग चले! कोई औंधा गिरा, कोई अंटाचिट। किसी का सिर फूटा, किसी के दाँत टूटे। सभी गिरते-पड़ते भागे। हमारी सारी देह लहूलुहान हो गई। पैंरों के तलवे काँटों से छलनी हो गए।

Question number: 84 (1 of 5 Based on Passage) Show Passage

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बाबू जी व गाँव वाले तमाशा देखकर क्या कहकर हँसते थे?

Question number: 85 (2 of 5 Based on Passage) Show Passage

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मकई के खेत में बच्चे कौनसा गाना गा रहे थे?

Question number: 86 (3 of 5 Based on Passage) Show Passage

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साँप को देखकर बच्चों का क्या हुआ?

Question number: 87 (4 of 5 Based on Passage) Show Passage

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टीले में जाकर बच्चे क्या करने लगे?

Question number: 88 (5 of 5 Based on Passage) Show Passage

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टीले पर चूहे के बिल से क्या निकल आया था?

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