CBSE (Central Board of Secondary Education- Board Exam) Class-10 Hindi: Questions 2264 - 2275 of 2295

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Passage

यह दंतुरित मुसकान

(1)

तुम्हारी यह दंतुरित मुसकान

मृतक में भी डाल देगी जान

धूलि-धूसर तुम्हारे ये गात……

छोड़कर तालाब मेरी झोंपड़ी में खिल रहे जलजात

परस पाकर तुम्हारा ही प्राण,

पिघलकर जल बन गया होगा कठिन पाषाण

छू गया तुमसे कि झरने लग पड़े शेफालिका के फूल

बांस था कि बबूल?

तुम मुझे पाए नहीं पहचान?

देखते ही रहोंगे अनिमेष!

थक गए हो?

आँख लूँ मैं फेर?

क्या हुआ यदि हो सके परिचित न पहली बार?

यदि तुम्हारी माँ न माध्यम बनी होती आज

मैं न सकता देख

मै न पाता जान

तुम्हारी यह दंतुरित मुसकान

Question number: 2264 (8 of 13 Based on Passage) Show Passage

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Describe in Detail

कवि नागार्जुन दव्ारा रचित प्रस्तुत पद्यांश के शिल्प-सौंदर्य क्या है?

Explanation

प्रस्तुत पद्यांश के शिल्प-सौंदर्य यह है कि इसमें कवि ने बच्चे की दंतस्वरूप मुसकान का बहुत सुंदर व अद्भूत चित्र प्रस्तुत किया है साथ में अलंकारों, बिम्बों, शैली, गुण व भाषा आदि का बहुत ही मार्मिक तरीके से प्रयोग कर प्रस्तुत किया हैं।

क्योंकि-ताकि कवि नागार्जुन दव्ारा रचित प्रस्तुत पद्यांश… (378 more words) …

Question number: 2265 (9 of 13 Based on Passage) Show Passage

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Describe in Detail

नागार्जुन द्वारा रचित प्रस्तुत प्रसंग में बच्चे का स्पर्श पाकर कवि का मन किस तरह से भावुक हो जाता हैं?

Explanation

नागार्जुन द्वारा रचित प्रस्तुत प्रसंग में बच्चे की कोमलता को पाकर मन इस तरह भावात्मक हो जाता है जैसे बच्चे के छूने मात्र से कठोर पत्थर पिघलकर पानी बन गया हो। अर्थात कठोर हृदय वाला भी पिघल जाता है

क्योंकि-बच्चे का स्पर्श हर व्यक्ति के हृदय के भाव को प्रभावित… (372 more words) …

Question number: 2266 (10 of 13 Based on Passage) Show Passage

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कवि नागार्जुन द्वारा रचित प्रस्तुत प्रसंग में कवि ने जीवन का क्या संदेश दिया है?

Explanation

कवि नागार्जुन द्वारा रचित प्रस्तुत प्रसंग में कवि ने सुदंरता में ही जीवन का संदेश दिया है।

क्योंकि- ताकि ऐसे संदेश से व्यक्ति को आगे जीवन व्यतीत करने के लिए प्रेरणा मिलती रहे।

प्रसंग: - प्रस्तुत पद्यांश कवि नागार्जुन द्वारा रचित कविता ’यह दंतुरित मुसकान’ से अवतरित है। कवि ने… (353 more words) …

Question number: 2267 (11 of 13 Based on Passage) Show Passage

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नागार्जुन द्वारा रचित प्रस्तुत प्रसंग में बच्चे के स्पर्श मात्र से कवि के जीवन में किसका संचार हो गया है?

Explanation

है बच्चे तुम्हारे स्पर्शमात्र से मेरे जीवन में सुख और खुशी उत्पन्न हो गई, मेरा जीवन खुशियों से भर गया है अर्थात बच्चे के स्पर्श मात्र से कवि केे जीवन में सुख और आनंद का संचार हो गया।

क्योंकि-बच्चे का छूना है ही इतना मोहक कि बस हम अपने सारे… (375 more words) …

Question number: 2268 (12 of 13 Based on Passage) Show Passage

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कवि नागार्जुन दव्ारा रचित प्रस्तुत प्रसंग के भाव-सौंदर्य क्या हैं?

Explanation

कवि नागार्जुन दव्ारा रचित प्रस्तुत प्रसंग के भाव-सौंदर्य यह है कि एक छोटे बच्चे के मुँह में नये दांत आने पर जब वह मुस्कराता देता है तो मानों हर व्यक्ति के मन में प्रेम की भावना उत्पन्न होने लगती है चाहे उस व्यक्ति का मन कठोर ही क्यों न हो।… (420 more words) …

Question number: 2269 (13 of 13 Based on Passage) Show Passage

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Describe in Detail

कवि नागार्जुन द्वारा रचित प्रस्तुत प्रसंग में किसको पहचान कर बच्चा मुसकरा देता है?

Explanation

कवि नागार्जुन द्वारा रचित प्रस्तुत प्रसंग में माँ को पहचान कर बच्चा मुसकरा देता है।

क्योंकि-एक मां का बच्चे से शुरू से ही आत्मीयता व भावात्मक संबंध होता है।

प्रसंग: - प्रस्तुत पद्यांश कवि नागार्जुन द्वारा रचित कविता ’यह दंतुरित मुसकान’ से अवतरित है। कवि ने छोटे बच्चे की दंतस्वरूप… (349 more words) …

Question number: 2270

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Describe in Detail

हिंदी साहित्यकार के रूप में प्रसाद जी की प्रतिभा किस प्रकार की है?

Explanation

हिंदी साहित्यकार के रूप में प्रसाद जी की प्रतिभा बहुमुखी है।

क्योंकि- कवि में बहुत सी खूबियाँ हैं।

प्रमुख रचनाएँ-हिंदी साहित्यकार के रूप में प्रसाद जी की प्रतिभा बहुमुखी है। उन्होंने कुल 27 कृतियों की रचना की हैं। उनकी प्रमुख रचनाएँ इस प्रकार हैं-

काव्य ग्रन्थ-कानून कुसुम, चित्राधार, झरना, आँसू,… (33 more words) …

Question number: 2271

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नागार्जुन दव्ारा रचित सभी रचनाएँ कितने भागों में प्रकाशित हैं?

Question number: 2272

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Describe in Detail

कवि नागार्जुन के हृदय में कौनसी संवेदना देखनों को मिलती है?

Explanation

”प्रख्यात कवि नागार्जुन जी के हृदय में शोषित व दलित वर्ग के प्रति अपार संवेदना देखने को मिलती है।

क्योंकि-यह कवि का स्वभाव है कि उनके मन में गरीबों के प्रति बहुत ही सहानुभूति हैं।

”प्रख्यात कवि नागार्जुन जी के हृदय में शोषित व दलित वर्ग के प्रति अपार संवेदना… (195 more words) …

Question number: 2273

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नागार्जुन कों किस बात के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से विभूषित किया गया।

Question number: 2274

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Write in Short

नागार्जुन दव्ारा रचित भस्मांकुर काव्य में भस्मासुर की कौनसी कथा का नवीनतम रूप प्रस्तुत किया गया है?

Passage

(3)

पत्तों से लदी डाल

कहीं हरी, कहीं लाल,

कहीं पड़ी है उर में

मंद-गंध- पुष्प-माल,

पाट-पाट शोभा-श्री

पट नहीं रही है।

Question number: 2275 (1 of 3 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नह

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कवि निराला जी दव्ारा रचित प्रस्तुत पद्यांश में कवि ने किसका सजीव चित्रण किया है?

Explanation

प्रस्तुत पद्यांश में कवि सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ ने फागुन महीने की प्रकृति में मौजूद सुंदरता का साक्षात एवं मन को प्रभावित करने वाला चित्र प्रस्तुत किया है।

क्योंकि-इस महीन में प्रकृति की सुंदरता अपने चरम सीमा पर विद्यवान होती है जो देखते ही बनती है। इस प्रकृति के दृश्य बहुत… (135 more words) …

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