CBSE Class-10 Hindi: Questions 2275 - 2287 of 2295

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Passage

(3)

पत्तों से लदी डाल

कहीं हरी, कहीं लाल,

कहीं पड़ी है उर में

मंद-गंध- पुष्प-माल,

पाट-पाट शोभा-श्री

पट नहीं रही है।

Question number: 2275 (1 of 3 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नहीं रही है

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कवि निराला जी दव्ारा रचित प्रस्तुत पद्यांश के शिल्प-सौंदर्य क्या है?

Explanation

प्रस्तुत पद्यांश के शिल्प-सौंदर्य है कि इसमें कवि प्रकृति की खूबसुरती का बहुत ही सहजता से वर्णन किया है। साथ में शब्दों, अलंकारों व भाषा का बड़ी सहजता व सरलता से प्रयोग किया हैं।

क्योंकि-कवि दव्ारा रचित प्रसंग के शिल्प सौंदर्य पाठक को पढ़ने में सरल लगे।

प्रसंग- प्रस्तुत पद्यांश… (128 more words) …

Question number: 2276 (2 of 3 Based on Passage) Show Passage

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कवि निराला जी दव्ारा रचित प्रस्तुत पद्यांश के भाव-सौंदर्य क्या है?

Explanation

कवि निराला जी दव्ारा रचित प्रस्तुत पद्यांश के भाव-सौंदय है कि इसमें कवि ने फागुन महीने की सौंदर्यता का वर्णन बहुत ही मार्मिक चित्र प्रस्तुत किया है जिसमें प्रकृति के प्रत्येक हिस्से की सुंदरता को कवि ने अपनी कविता के माध्यम से प्रकट किया है प्रकृति की सुंदरता इतनी अधिक… (154 more words) …

Question number: 2277 (3 of 3 Based on Passage) Show Passage

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कवि निराला जी दव्ारा रचित प्रस्तुत पद्यांश में कवि ने किसका सजीव चित्रण किया है?

Explanation

प्रस्तुत पद्यांश में कवि सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ ने फागुन महीने की प्रकृति में मौजूद सुंदरता का साक्षात एवं मन को प्रभावित करने वाला चित्र प्रस्तुत किया है।

क्योंकि-इस महीन में प्रकृति की सुंदरता अपने चरम सीमा पर विद्यवान होती है जो देखते ही बनती है। इस प्रकृति के दृश्य बहुत… (135 more words) …

Question number: 2278

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नागार्जुन जी दव्ारा रचित उपन्यास कितने प्रकार के व कौन-कौन से है?

Question number: 2279

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नागार्जुन जी को कौनसा कवि भी कहा जाता है?

Question number: 2280

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नागार्जुन जी दव्ारा रचित उनका प्रसिद्ध खंडकाव्य कौनसा है?

Question number: 2281

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नागार्जुन जी का जन्म किस सन्‌ में व कहां हुआ था?

Explanation

उनका जन्म सन्‌ 1911 में बिहार प्रदेश के दरभंगा जिले के सतलखा नामक गाँव में हुआ था।

क्योंकि-हर व्यक्ति का जन्म सही जगह व सही समय पर निश्चित होता हैं।

”प्रख्यात कवि नागार्जुन जी के हृदय में शोषित व दलित वर्ग के प्रति अपार संवेदना देखने को मिलती है। उन्होंने… (190 more words) …

Question number: 2282

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नागार्जुन दव्ारा रचित काव्यों में उनका यथार्थ किसमें आधारित है?

Explanation

सुप्रसिद्ध जनवादी कवि नागार्जुन का अधिकांश काव्य यथार्थ ठोस धरातल पर आधारित है।

क्योंकि- ताकि कवि का काव्य सत्य की रचनाओं पर दृढ़ हो सके।

”प्रख्यात कवि नागार्जुन जी के हृदय में शोषित व दलित वर्ग के प्रति अपार संवेदना देखने को मिलती है। उन्होंने अपनी कविताओं में पीड़ित व… (185 more words) …

Question number: 2283

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नागार्जुन दव्ारा रचित उन्होंने अपनी कविताओं में क्या प्रदर्शित किया है?

Explanation

उन्होंने अपनी कविताओं में पीड़ित व त्रस्त व्यक्तियों के प्रति अद्धितीय सहानुभूति प्रदर्शित किया है।

क्योंकि-उनके मन में गरीबो के प्रति बहुत दयाभाव हैं।

”प्रख्यात कवि नागार्जुन जी के हृदय में शोषित व दलित वर्ग के प्रति अपार संवेदना देखने को मिलती है। उन्होंने अपनी कविताओं में पीड़ित व त्रस्त… (184 more words) …

Passage

आत्मकथ्य

(1)

मधुप गुन-गुना कर कह जाता कौन कहानी यह अपनी,

मुरझाकर गिर रहीं पत्तियाँ देखो कितनी आज घनी।

इस गंभीर अनंत-नीलिमा में असंख्य जीवन-इतिहास

यह लो, करते ही रहते हैं अपना व्यंग्य-मिलन उपहास

तब भी कहते हो-कह डालूँ दूर्बलता अपनी बीती।

तुम सुनकर सुख पाओगे, देखोगे-यह गागर रीती।

किंतु कहीं ऐसा न हो कि तुम ही खाली करने वाले

अपने को समझो, मेरा रस ले अपनी भरने वाले।

Question number: 2284 (1 of 12 Based on Passage) Show Passage

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जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित कविता में कवि ने अपने जीवन को किस प्रकार अभिव्यक्त किया है?

Explanation

इस कविता में कवि ने अपने जीवन के सत्य एवं अभावों को बहुत ही हृदय को स्पर्श करने वाले के जैसे ढंग से प्रस्तुत किया गया है।

क्योंकि-कवि का जीवन बहुत पीड़ओं व दु: खों से परिपूर्ण हैं जिसे कवि आत्मकथा के माध्यम से बता रहा है।

प्रसंग- प्रस्तुत पद्यांश… (299 more words) …

Question number: 2285 (2 of 12 Based on Passage) Show Passage

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प्रसाद जी दव्ारा रचित प्रस्तुत पद्यांश का भाव-सौंदर्य क्या हैं?

Explanation

प्रसाद जी दव्ारा रचित प्रस्तुत पद्यांश का भाव-सौंदर्य यह हैं कि इसमें कवि अपनी दु: खभरी कहानी को प्रकट नहीं करना चाहता है क्योंकि कवि की कहानी में अभावों व जीवन की सत्यता के अलावा ओर कुछ भी नहीं हैं इस कहानी को कुछ लोग पढ़कर कवि का उपहास ही… (321 more words) …

Question number: 2286 (3 of 12 Based on Passage) Show Passage

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कवि दव्ारा रचित प्रस्तुत काव्य में लोगों की अभिलाषा रूपी पत्तियाँ क्या होती जा रही हैं?

Explanation

कवि दव्ारा रचित प्रस्तुत काव्य में उम्मीद रूपी पत्तियाँ खत्म होती दिखाई दे रही हैं अर्थात जीवन में आशा नाम की किरण दूर-दूर तक कहीं भी नजर नहीं आ रही है।

क्योंकि-जब व्यक्ति को अत्यधिक दु: ख होता है उसकी सोच नकारात्मक हो जाती हैं।

प्रसंग- प्रस्तुत पद्यांश सुप्रसिद्ध छायावादी… (297 more words) …

Question number: 2287 (4 of 12 Based on Passage) Show Passage

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जयशंकर प्रसाद जी दव्ारा रचित प्रस्तुत पद्यांश के शिल्प-सौंदर्य क्या हैं।

Explanation

जयशंकर प्रसाद जी दव्ारा रचित प्रस्तुत पद्यांश के शिल्प-सौंदर्य हैं कि इसमें कवि ने जीवन की सत्यता व उनके अभावों का अद्भुत चित्र प्रस्तुत किया है। साथ में उपमा, प्रतीक, शब्दों, भाषा व भाव का सुंदर प्रयोग किया हैं।

क्योंकि- जिससे कवि के काव्यों में ओर अधिक निखार आ जाए।… (302 more words) …

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