CBSE Class-10 Hindi: Questions 1980 - 1994 of 2295

Get 1 year subscription: Access detailed explanations (illustrated with images and videos) to 2295 questions. Access all new questions we will add tracking exam-pattern and syllabus changes. View Sample Explanation or View Features.

Rs. 1650.00 or

Passage

सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’

Question number: 1980 (28 of 40 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नहीं रही है

Essay Question▾

Describe in Detail

कवि निराला जी दव्ारा रचित उनकी कविताओं में किस विचारधारा को प्रकट किया है?

Explanation

कवि निराला जी दव्ारा रचित उन्होंने अपनी कविताओं में मानवतावादी विचारधारा को प्रकट किया है।

क्योंकि-कवि को उपरोक्त विचारधारओं से बहुत लगाव है।

साहित्यिक विशेषताएँ- कवि निराला एक महान्‌ साहित्यकार थे। वे छायावादी काव्यधारा के प्रतिष्ठित कवि थे। उनके काव्य में छायावाद की सभी विशेषताएँ देखी जा सकती हैं। निराला… (75 more words) …

Question number: 1981 (29 of 40 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नहीं रही है

Essay Question▾

Describe in Detail

निराला जी किस प्रकार के साहित्यकार थे?

Explanation

निराला जी एक महान प्रकार के साहित्यकार थे।

क्योंकि-निराला कवि जी की रचनाएँ बहुत ही अच्छी हैं।

साहित्यक रचनाएँ- निराला जी एक महान साहित्यकार थे। उनका गद्य और काव्य दोनों ही विधाओं पर समान अधिकार था। उनकी प्रमुख रचनाएँ इस प्रकार हैं-

काव्य संग्रह- ’अनामिका, परिमल, तुलसीदास, गीतिका, अणिमा, कुकुरमुत्ता,… (35 more words) …

Question number: 1982 (30 of 40 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नहीं रही है

Essay Question▾

Describe in Detail

निराला जी किन व्यक्तियों से बहुत अधिक प्रभावित थे?

Explanation

निराला जी स्वामी रामकृष्ण परमहंस और विवेकानंद जी से बहुत अधिक प्रभावित थे।

क्योंकि-हर इंसान अपने जीवन में किसी न किसी से प्रेरित जरूर होता है। जो उनके जीवन को बदल देते है।

”महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो,… (213 more words) …

Question number: 1983 (31 of 40 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नहीं रही है

Essay Question▾

Describe in Detail

कवि निराला जी दव्ारा रचित रचनाओं में प्रकृति चित्रण में प्रकृति के कौनसे रूप मिलते हैं?

Explanation

उनके दव्ारा रचित रचनओं में प्रकृति चित्रण में प्रकृति के मनोरम और भयानक दोनों ही रूप मिलते हैं।

क्योंकि-जिससे कवि का प्रकृति चित्रण ओर अधिक अच्छा लगे।

साहित्यिक विशेषताएँ- कवि निराला एक महान्‌ साहित्यकार थे। वे छायावादी काव्यधारा के प्रतिष्ठित कवि थे। उनके काव्य में छायावाद की सभी विशेषताएँ देखी… (79 more words) …

Question number: 1984 (32 of 40 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नहीं रही है

Essay Question▾

Describe in Detail

निराला दव्ारा रचित उनके कहानी संग्रह में कौन-कौन सी रचनाएँ है?

Explanation

निराला दव्ारा रचित उनके कहानी संग्रह में लिली, सखी, सुकुन की बेटी, चतुर चमार। रचनाएँ है।

क्योंकि- कवि की कहानियाँ भी बहुत अच्छी है। उपर्युक्त कहानियाँ कवि प्रमुख है।

साहित्यक रचनाएँ- निराला जी एक महान साहित्यकार थे। उनका गद्य और काव्य दोनों ही विधाओं पर समान अधिकार था। उनकी प्रमुख… (47 more words) …

Question number: 1985 (33 of 40 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नहीं रही है

Essay Question▾

Describe in Detail

निराला जी ने अपनी रचनाओं में किन बंधनों का विरोध किया है?

Explanation

उन्होंने अपनी रचनाओं में साहित्य में बंधनों का विरोध किया है।

क्योंकि-कवि किसी भी प्रकार के बंधन में नहीं रहना चाहता हैं।

साहित्यिक विशेषताएँ- कवि निराला एक महान्‌ साहित्यकार थे। वे छायावादी काव्यधारा के प्रतिष्ठित कवि थे। उनके काव्य में छायावाद की सभी विशेषताएँ देखी जा सकती हैं। निराला जी… (74 more words) …

Question number: 1986 (34 of 40 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नहीं रही है

Essay Question▾

Describe in Detail

निराला जी की माताजी का निधन कब हो गया था?

Explanation

शैशवावस्था में उनकी माताजी का निधन हो गया।

क्योकि-हर इंसान की मृत्यु निश्चत होती है अंतर इतना हैै कि किसी की पहले मृत्यु होती है किसी की बाद में।

”महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि निराला ही… (209 more words) …

Question number: 1987 (35 of 40 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नहीं रही है

Essay Question▾

Describe in Detail

निराला जी का जन्म कहाँ व किस सन्‌ में हुआ?

Explanation

निराला जी का जन्म पश्चिमी बंगाल के मेदिनीपूर जिले की महिषादल रियासत में सन्‌ 1899 में हुआ था।

क्योंकि-इस धरती पर हर व्यक्ति का जन्म ईश्वर के अनुसार निश्चत होता है।

”महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि… (211 more words) …

Question number: 1988 (36 of 40 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नहीं रही है

Essay Question▾

Describe in Detail

निराला जी दव्ारा रचित उनके काव्य संग्रह में कौन-कौन सी रचनाएँ है?

Explanation

निराला जी दव्ारा रचित उनके काव्य संग्रह में ’अनामिका, परिमल, तुलसीदास, गीतिका, अणिमा, कुकुरमुत्ता, बेला, अर्चना, आराधना, नये पत्ते, गीत -गूँज आदि उनके काव्य संग्रह की रचनाएँ है।

क्योंकि- कवि की काव्य रचनाएँ बहुत अधिक रोचक होने केे कारण उनके अनगिनत नाम होते है। उपरोक्त लिखी गई काव्य संग्रह कवि… (72 more words) …

Question number: 1989 (37 of 40 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नहीं रही है

Essay Question▾

Describe in Detail

कवि निराला जी दव्ारा रचित आलोचना और निबंध में कौनसी रचनाएँ है?

Explanation

कवि निराला जी दव्ारा रचित आलोचना और निबंधमेंप्रबंध-पद्म, प्रबंध-प्रतिभा, प्रबंध-परिचय। रचनाएँ है।

क्योंकि- आलोचना और निबंध दोनों ही कवि की प्रमुख रचनाएँ हैं।

साहित्यक रचनाएँ- निराला जी एक महान साहित्यकार थे। उनका गद्य और काव्य दोनों ही विधाओं पर समान अधिकार था। उनकी प्रमुख रचनाएँ इस प्रकार हैं-

काव्य संग्रह-… (41 more words) …

Question number: 1990 (38 of 40 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नहीं रही है

Essay Question▾

Describe in Detail

निराला जी का किन दोनों ही विधाओं पर समान अधिकार था?

Explanation

उनका गद्य और काव्य दोनों ही विधाओं पर समान अधिकार था।

क्योंकि-किसी किसी कवि की सब विधाएँ अच्छी होती हैं।

साहित्यक रचनाएँ- निराला जी एक महान साहित्यकार थे। उनका गद्य और काव्य दोनों ही विधाओं पर समान अधिकार था। उनकी प्रमुख रचनाएँ इस प्रकार हैं-

काव्य संग्रह- ’अनामिका, परिमल, तुलसीदास,… (38 more words) …

Question number: 1991 (39 of 40 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नहीं रही है

Essay Question▾

Describe in Detail

मुक्त छंद के कौनसे प्रवर्तक हिन्दी के सर्वोच्च कवियों में समाहित हैं।

Explanation

मुक्त छंद के प्रवर्तक सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ हिन्दी के सर्वोच्च कवियों में समाहित हैं।

क्योंकि-निराला जी ने भी हिंदी की कविताओं को बनाए रखने में अपना योगदान दिया है।

”महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि निराला ही… (209 more words) …

Question number: 1992 (40 of 40 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नहीं रही है

Essay Question▾

Describe in Detail

किस सन्‌ में उनकी पत्नी की मृत्यु हो गई थी?

Explanation

1918 में उनकी पत्नी की मृत्यु हो गई था।

क्योंकि-कभी कभी किसी के निधन का सन्‌ पता होता है।

”महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि निराला ही थे। जिनके काव्यों में सुफियों का सादापन सूर-तुलसी की समन्वय… (199 more words) …

Question number: 1993

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » जयशंकर प्रसाद आत्मकथ्य

Essay Question▾

Describe in Detail

जयशंकर प्रसाद जी के कितने विवाह हुए थे?

Explanation

जयशंकर प्रसाद जी के तीन विवाह हुए थे।

क्योंकि-पहले जमाने में राजा महाराजाओं के भी अनगिनत विवाह होते है।

”छायावाद के श्रेष्ठ कवि जयशंकर प्रसाद एक ऐसे विलक्षण एवं विराट व्यक्तित्व को लेकर अवतरित हुए थे, जिसमें विभिन्न प्रकार की साहित्यिक प्रतिभाएँ समिश्रित व विद्यमान थीं। जो कि युग-युग से… (163 more words) …

Question number: 1994

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » नागार्जुन यह दंतुरित मुसकान, फसल

Essay Question▾

Describe in Detail

नागार्जुन जी दव्ारा रचित उनकी काव्य रचनाएँ कौन-कौन सी हैं?

Explanation

नागार्जुन जी दव्ारा रचित उनकी काव्य रचनाएँ निम्न है-

-युगधारा, प्यासी पथराई आँखे, सतरंगे पंखों वाली, तालाब की मछलियाँ, प्यासी परछाई, हज़ार-हज़ार बाँहो वाली, तुमने कहा था, खून और शोले, पुरानी जूतियों का कोरस, चना और गर्म है।

क्योंकि-ताकि इनके काव्य की रचनाओं को हर व्यक्ति पढ़ सके।

काव्य-रचनाएँ -युगधारा,… (27 more words) …

Sign In