CBSE (Central Board of Secondary Education- Board Exam) Class-10 Hindi: Questions 1981 - 1994 of 2295

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Passage

सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’

Question number: 1981 (29 of 40 Based on Passage) Show Passage

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Describe in Detail

कवि निराला जी दव्ारा रचित रचनाओं में प्रकृति चित्रण में प्रकृति के कौनसे रूप मिलते हैं?

Explanation

उनके दव्ारा रचित रचनओं में प्रकृति चित्रण में प्रकृति के मनोरम और भयानक दोनों ही रूप मिलते हैं।

क्योंकि-जिससे कवि का प्रकृति चित्रण ओर अधिक अच्छा लगे।

साहित्यिक विशेषताएँ- कवि निराला एक महान्‌ साहित्यकार थे। वे छायावादी काव्यधारा के प्रतिष्ठित कवि थे। उनके काव्य में छायावाद की सभी विशेषताएँ देखी जा सकती हैं। निराला जी के मन में दीन-दुखियों के प्

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Question number: 1982 (30 of 40 Based on Passage) Show Passage

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Write in Short

निराला जी का किस पर पूर्ण अधिकार था?

Question number: 1983 (31 of 40 Based on Passage) Show Passage

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Describe in Detail

किस सन्‌ में उनकी पत्नी की मृत्यु हो गई थी?

Explanation

1918 में उनकी पत्नी की मृत्यु हो गई था।

क्योंकि-कभी कभी किसी के निधन का सन्‌ पता होता है।

“महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि निराला ही थे। जिनके काव्यों में सुफियों का सादापन सूर-तुलसी की समन्वय प्रतिभा और प्रसाद की सौंदर्य चेतना सम्पूर्ण रूप से साकार हो उठी है।”

जीवन-परिचय- मुक्त छंद

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Question number: 1984 (32 of 40 Based on Passage) Show Passage

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Describe in Detail

“महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि कौन थे?

Explanation

“महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि निराला ही थे।

क्योंकि-हिंदी साहित्य को आगे बढ़ाने के लिए कोई न कोई महापुरूष आते ही रहेे है।

“महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि निराला ही थे। जिनके काव्यों में सुफियों का सादापन सूर-तुलसी की

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Question number: 1985 (33 of 40 Based on Passage) Show Passage

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Describe in Detail

निराला जी दव्ारा रचित कविताएँ किन विचार धाराओं से ओत प्रोत हैं?

Explanation

निराला जी दव्ारा रचित उनकी कविताएँ छायावादी, रहस्यवादी तथा प्रगतिवादी विचार धाराओं से ओत प्रोत हैं।

क्योंकि-ताकि उपरोक्त विचार धाराएँ आगे सबको प्रेरित कर सके।

“महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि निराला ही थे। जिनके काव्यों में सुफियों का सादापन सूर-तुलसी की समन्वय प्रतिभा और प्रसाद की स

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Question number: 1986 (34 of 40 Based on Passage) Show Passage

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Describe in Detail

निराला जी दव्ारा रचित रचनाओं में उन्होंने किसका सुंदर समन्वय किया है?

Explanation

निराला जी ने रहस्यवादी भावना और चिंतन का सुंदर समन्वय किया है।

क्योंकि-ताकि कवि का काव्य ओर अधिक अच्छा लगे।

साहित्यिक विशेषताएँ- कवि निराला एक महान्‌ साहित्यकार थे। वे छायावादी काव्यधारा के प्रतिष्ठित कवि थे। उनके काव्य में छायावाद की सभी विशेषताएँ देखी जा सकती हैं। निराला जी के मन में दीन-दुखियों के प्रति सहानुभूति थी। उन्होंने अपनी कविताओं में

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Question number: 1987 (35 of 40 Based on Passage) Show Passage

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Describe in Detail

निराला जी का सम्पूर्ण जीवन कैसे व्यतीत हुआ?

Explanation

निराला जी का सम्पूर्ण जीवन संघर्षो में व्यतीत हुआ।

क्योंकि-कवि का जीवन कठिनाईयों से भरा हुआ था।

“महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि निराला ही थे। जिनके काव्यों में सुफियों का सादापन सूर-तुलसी की समन्वय प्रतिभा और प्रसाद की सौंदर्य चेतना सम्पूर्ण रूप से साकार हो उठी है।”

जीवन-परिचय- मुक्

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Question number: 1988 (36 of 40 Based on Passage) Show Passage

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Describe in Detail

निराला जी ने अपनी रचनाओं में किन बंधनों का विरोध किया है?

Explanation

उन्होंने अपनी रचनाओं में साहित्य में बंधनों का विरोध किया है।

क्योंकि-कवि किसी भी प्रकार के बंधन में नहीं रहना चाहता हैं।

साहित्यिक विशेषताएँ- कवि निराला एक महान्‌ साहित्यकार थे। वे छायावादी काव्यधारा के प्रतिष्ठित कवि थे। उनके काव्य में छायावाद की सभी विशेषताएँ देखी जा सकती हैं। निराला जी के मन में दीन-दुखियों के प्रति सहानुभूति थी। उन्होंने अपन

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Question number: 1989 (37 of 40 Based on Passage) Show Passage

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Write in Short

निराला जी की भाषा किस रूप से परिपूर्ण है?

Question number: 1990 (38 of 40 Based on Passage) Show Passage

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Describe in Detail

निराला जी का किन दोनों ही विधाओं पर समान अधिकार था?

Explanation

उनका गद्य और काव्य दोनों ही विधाओं पर समान अधिकार था।

क्योंकि-किसी किसी कवि की सब विधाएँ अच्छी होती हैं।

साहित्यक रचनाएँ- निराला जी एक महान साहित्यकार थे। उनका गद्य और काव्य दोनों ही विधाओं पर समान अधिकार था। उनकी प्रमुख रचनाएँ इस प्रकार हैं-

काव्य संग्रह- ’अनामिका, परिमल, तुलसीदास, गीतिका, अणिमा, कुकुरमुत्ता, बेला, अर्चना, आराधना, नये पत्ते, गीत

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Question number: 1991 (39 of 40 Based on Passage) Show Passage

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Describe in Detail

निराला जी दव्ारा रचित रचनओं में उन्होंने किन संबंधों पर बल दिया है?

Explanation

उन्होंने आत्मा और परमात्मा के प्रणय संबंधों पर बल दिया है।

क्योंकि-कवि ने उपरोक्त संबंधों का गहराई से अध्ययन किया हैं।

साहित्यिक विशेषताएँ- कवि निराला एक महान्‌ साहित्यकार थे। वे छायावादी काव्यधारा के प्रतिष्ठित कवि थे। उनके काव्य में छायावाद की सभी विशेषताएँ देखी जा सकती हैं। निराला जी के मन में दीन-दुखियों के प्रति सहानुभूति थी। उन्होंने अपनी क

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Question number: 1992 (40 of 40 Based on Passage) Show Passage

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Describe in Detail

निराला जी दव्ारा रचित काव्यों में क्या देखा जा सकता हैं?

Explanation

उनके दव्ारा रचित काव्यों में छायावाद की सभी विशेषताएँ देखी जा सकती हैं।

क्योंकि-कवि निराला जी को छायावाद से बेहद लगाव था। अर्थात उनको छायावाद में बेहद रूचि थी।

साहित्यिक विशेषताएँ- कवि निराला एक महान्‌ साहित्यकार थे। वे छायावादी काव्यधारा के प्रतिष्ठित कवि थे। उनके काव्य में छायावाद की सभी विशेषताएँ देखी जा सकती हैं। निराला जी के मन में दीन-दुखिय

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Question number: 1993

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Describe in Detail

जयशंकर प्रसाद जी के कितने विवाह हुए थे?

Explanation

जयशंकर प्रसाद जी के तीन विवाह हुए थे।

क्योंकि-पहले जमाने में राजा महाराजाओं के भी अनगिनत विवाह होते है।

“छायावाद के श्रेष्ठ कवि जयशंकर प्रसाद एक ऐसे विलक्षण एवं विराट व्यक्तित्व को लेकर अवतरित हुए थे, जिसमें विभिन्न प्रकार की साहित्यिक प्रतिभाएँ समिश्रित व विद्यमान थीं। जो कि युग-युग से चली आ रही प्राचीन धारा को एक नवीन मोड़ देने में समर्थ सिद्ध ह

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Question number: 1994

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » नागार्जुन यह दंतुरित मुसकान, फसल

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Describe in Detail

नागार्जुन जी दव्ारा रचित उनकी काव्य रचनाएँ कौन-कौन सी हैं?

Explanation

नागार्जुन जी दव्ारा रचित उनकी काव्य रचनाएँ निम्न है-

-युगधारा, प्यासी पथराई आँखे, सतरंगे पंखों वाली, तालाब की मछलियाँ, प्यासी परछाई, हज़ार-हज़ार बाँहो वाली, तुमने कहा था, खून और शोले, पुरानी जूतियों का कोरस, चना और गर्म है।

क्योंकि-ताकि इनके काव्य की रचनाओं को हर व्यक्ति पढ़ सके।

काव्य-रचनाएँ -युगधारा, प्यासी पथराई आँखे, सतरंगे पंखों वाली, तालाब की

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