CBSE (Central Board of Secondary Education- Board Exam) Class-10 Hindi: Questions 1958 - 1970 of 2295

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Passage

सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’

Question number: 1958 (6 of 40 Based on Passage) Show Passage

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कवि निराला जी छायावादी काव्यधारा के किस तरह के कवि थे?

Explanation

वे छायावादी काव्यधारा के प्रतिष्ठित कवि थे।

क्योंकि- कवि निराला जी उपरोक्त धारा में बेहतर अपना योगदान दिया है।

साहित्यिक विशेषताएँ- कवि निराला एक महान्‌ साहित्यकार थे। वे छायावादी काव्यधारा के प्रतिष्ठित कवि थे। उनके काव्य में छायावाद की सभी विशेषताएँ देखी जा सकती हैं। निराला जी के मन में

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Question number: 1959 (7 of 40 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी किस प्रकार के साहित्यकार थे?

Explanation

निराला जी एक महान प्रकार के साहित्यकार थे।

क्योंकि-निराला कवि जी की रचनाएँ बहुत ही अच्छी हैं।

साहित्यक रचनाएँ- निराला जी एक महान साहित्यकार थे। उनका गद्य और काव्य दोनों ही विधाओं पर समान अधिकार था। उनकी प्रमुख रचनाएँ इस प्रकार हैं-

काव्य संग्रह- ’अनामिका, परिमल, तुलसीदास, गीतिका, अणिमा, कुकुरमुत्ता,

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Question number: 1960 (8 of 40 Based on Passage) Show Passage

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कवि निराला जी दव्ारा रचित रचनाओं में प्रकृति चित्रण में प्रकृति के कौनसे रूप मिलते हैं?

Explanation

उनके दव्ारा रचित रचनओं में प्रकृति चित्रण में प्रकृति के मनोरम और भयानक दोनों ही रूप मिलते हैं।

क्योंकि-जिससे कवि का प्रकृति चित्रण ओर अधिक अच्छा लगे।

साहित्यिक विशेषताएँ- कवि निराला एक महान्‌ साहित्यकार थे। वे छायावादी काव्यधारा के प्रतिष्ठित कवि थे। उनके काव्य में छायावाद की सभी विशेषताएँ देखी

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Question number: 1961 (9 of 40 Based on Passage) Show Passage

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मुक्त छंद के कौनसे प्रवर्तक हिन्दी के सर्वोच्च कवियों में समाहित हैं।

Explanation

मुक्त छंद के प्रवर्तक सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ हिन्दी के सर्वोच्च कवियों में समाहित हैं।

क्योंकि-निराला जी ने भी हिंदी की कविताओं को बनाए रखने में अपना योगदान दिया है।

”महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि निराला ही

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Question number: 1962 (10 of 40 Based on Passage) Show Passage

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किनके काव्यों में सुफियों का सादापन सूर-तुलसी की समन्वय प्रतिभा और प्रसाद की सौंदर्य चेतना सम्पूर्ण रूप से साकार हो उठी है?

Explanation

सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जी के काव्यों में सुफियों का सादापन सूर-तुलसी की समन्वय प्रतिभा और प्रसाद की सौंदर्य चेतना सम्पूर्ण रूप से साकार हो उठी है।

क्योंकि-कोई कोई कवि पहले वाले कवियों की इच्छाओं की पूर्ति करते थे।

”महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं

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Question number: 1963 (11 of 40 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी दव्ारा रचित कविताएँ किन विचार धाराओं से ओत प्रोत हैं?

Explanation

निराला जी दव्ारा रचित उनकी कविताएँ छायावादी, रहस्यवादी तथा प्रगतिवादी विचार धाराओं से ओत प्रोत हैं।

क्योंकि-ताकि उपरोक्त विचार धाराएँ आगे सबको प्रेरित कर सके।

”महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि निराला ही थे। जिनके काव्यों में

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Question number: 1964 (12 of 40 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी दव्ारा रचित रचनओं में उन्होंने किन संबंधों पर बल दिया है?

Explanation

उन्होंने आत्मा और परमात्मा के प्रणय संबंधों पर बल दिया है।

क्योंकि-कवि ने उपरोक्त संबंधों का गहराई से अध्ययन किया हैं।

साहित्यिक विशेषताएँ- कवि निराला एक महान्‌ साहित्यकार थे। वे छायावादी काव्यधारा के प्रतिष्ठित कवि थे। उनके काव्य में छायावाद की सभी विशेषताएँ देखी जा सकती हैं। निराला जी के

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Question number: 1965 (13 of 40 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी की आरम्भिक शिक्षा कहाँ हुई थी?

Explanation

निराला जी की आरम्भिक शिक्षा बंगाल में ही हुई थी।

क्योंकि-किसी भी व्यक्ति की शिक्षा उसके निजी कारणों के अनुसार होती है।

”महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि निराला ही थे। जिनके काव्यों में सुफियों का सादापन

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Question number: 1966 (14 of 40 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी का जन्म कहाँ व किस सन्‌ में हुआ?

Explanation

निराला जी का जन्म पश्चिमी बंगाल के मेदिनीपूर जिले की महिषादल रियासत में सन्‌ 1899 में हुआ था।

क्योंकि-इस धरती पर हर व्यक्ति का जन्म ईश्वर के अनुसार निश्चत होता है।

”महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि

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Question number: 1967 (15 of 40 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी के पिता पंडित रामसहाय त्रिपाठी महिषादल में किस पद पर कार्यरत थे।

Explanation

उनके पिता पंडित रामसहाय त्रिपाठी महिषादल में एक प्रतिष्ठित पद पर कार्यरत थे।

क्योंकि-उनके पिता उस पद के लिए एक योग्य व्यक्ति थे।

”महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि निराला ही थे। जिनके काव्यों में सुफियों का

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Question number: 1968 (16 of 40 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी किन व्यक्तियों से बहुत अधिक प्रभावित थे?

Explanation

निराला जी स्वामी रामकृष्ण परमहंस और विवेकानंद जी से बहुत अधिक प्रभावित थे।

क्योंकि-हर इंसान अपने जीवन में किसी न किसी से प्रेरित जरूर होता है। जो उनके जीवन को बदल देते है।

”महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो,

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Question number: 1969 (17 of 40 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी ने अपनी रचनाओं में किन बंधनों का विरोध किया है?

Explanation

उन्होंने अपनी रचनाओं में साहित्य में बंधनों का विरोध किया है।

क्योंकि-कवि किसी भी प्रकार के बंधन में नहीं रहना चाहता हैं।

साहित्यिक विशेषताएँ- कवि निराला एक महान्‌ साहित्यकार थे। वे छायावादी काव्यधारा के प्रतिष्ठित कवि थे। उनके काव्य में छायावाद की सभी विशेषताएँ देखी जा सकती हैं। निराला जी

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Question number: 1970 (18 of 40 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी दव्ारा रचित आधुनिक हिन्दी कविता को उन्होंने कौनसी दिशा प्रदान की?

Explanation

निराला जी दव्ारा रचित उन्होंने आधुनिक हिन्दी कविता को एक नई दिशा प्रदान की।

क्योंकि-ताकि इन कविताओं का ओर अधिक विस्तार हो सके।

”महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि निराला ही थे। जिनके काव्यों में सुफियों का

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