CBSE Class-10 Hindi: Questions 1943 - 1956 of 2295

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Passage

(2)

यह विडंबना! अरी सरलते तेरी हँसी उड़ाऊँ मैं।

भूले अपनी या प्रवंचना औरों की दिखलाऊँ मैं।

उज्ज्वल गाथा कैसे गाऊँ, मधुर चाँदनी रातों की।

और खिल-खिला कर हँसते होने वाली उन बातों की।

Question number: 1943 (4 of 4 Based on Passage) Show Passage

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जयशंकर दव्ारा रचित प्रस्तुत प्रसंग में कवि क्या कहना चाह रहा है?

Explanation

जयशंकर प्रसाद दव्ारा रचित प्रस्तुत पद में कवि कह रहा है कि कवि अपने जीवन की कहानी को एक साधारण व्यक्ति की कहानी बताता है। वह अपने सरलरूपी सीधे साधे जीवन का मजाक करवाने के पक्ष में नहीं है।

क्योंकि-कवि कहता जैसे सब लोगो के जीवन में पीड़ा व दुख… (225 more words) …

Question number: 1944

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नागार्जुन जी ने शिक्षा कहां से ग्रहण की है?

Explanation

उन्होंने बनारस और कोलकाता से शिक्षा ग्रहण की।

क्योंकि-कभी-कभी किसी व्यक्ति को अधिक शिक्षा प्राप्त करने के लिए कहीं दूर भी जाना पड़ता हैं।

”प्रख्यात कवि नागार्जुन जी के हृदय में शोषित व दलित वर्ग के प्रति अपार संवेदना देखने को मिलती है। उन्होंने अपनी कविताओं में पीड़ित व त्रस्त… (184 more words) …

Question number: 1945

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नागार्जुन को किस बात लिए सम्मानित किया गया है?

Question number: 1946

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Describe in Detail

नागार्जुन का मूल नाम क्या था?

Explanation

उनका मूल नाम वैद्यनाथ मिश्र था।

क्योंकि-हर व्यक्ति का वास्तविक नाम कुंडली के अनुसार रखा जाता हैं।

”प्रख्यात कवि नागार्जुन जी के हृदय में शोषित व दलित वर्ग के प्रति अपार संवेदना देखने को मिलती है। उन्होंने अपनी कविताओं में पीड़ित व त्रस्त व्यक्तियों के प्रति अद्धितीय सहानुभूति प्रदर्शित किया… (177 more words) …

Question number: 1947

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किस सन्‌ में उनका देहावसान हो गया?

Explanation

सन्‌ 1998 में उनका देहावसान हो गया।

क्योंकि-हर व्यक्ति की मृत्य भी इस संसार में निश्चित होती है।

”प्रख्यात कवि नागार्जुन जी के हृदय में शोषित व दलित वर्ग के प्रति अपार संवेदना देखने को मिलती है। उन्होंने अपनी कविताओं में पीड़ित व त्रस्त व्यक्तियों के प्रति अद्धितीय सहानुभूति प्रदर्शित… (178 more words) …

Question number: 1948

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Describe in Detail

जयशंकर प्रसाद दव्ारा रचित उनकी आरम्भिक कविताएँ किस भाषा में थी? ं

Explanation

जयशंकर प्रसाद दव्ारा रचित उनकी आरम्भिक कविताएँ ब्र्रज भाषा में थीं।

क्योंकि-शुरूआत में कवि को लिखने के लिए ब्रज भाषा ही सरल लगी थी।

भाषा शैली- जयशंकर प्रसाद की रचनाएँ मौलिक व तीव्र अनुभूतियों से युक्त हैं। उनकी आरम्भिक कविताएँ ब्र्रज भाषा में थीं और उसके बाद उन्होंने खड़ी बोली… (76 more words) …

Question number: 1949

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Write in Short

नागार्जुन जी दव्ारा रचित उन्होंने अपनी रचनाओं में किस पर बल दिया है?

Question number: 1950

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जयशंकर प्रसाद जी दव्ारा रचित उन्होंने अपने काव्यों किसको चित्रित किया है?

Explanation

जयशंकर प्रसाद जी दव्ारा रचित उन्होंने अपने काव्यों में प्रकृति, श्रृंगार, रहस्यवाद, दर्शन, प्रेम आदि से उत्पन्न अनुभूतियों का चित्रित किया है।

क्योंकि-ताकि कवि का काव्य ओर अधिक सुदंर दिखे।

भाषा शैली- जयशंकर प्रसाद की रचनाएँ मौलिक व तीव्र अनुभूतियों से युक्त हैं। उनकी आरम्भिक कविताएँ ब्र्रज भाषा में थीं… (82 more words) …

Question number: 1951

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Write in Short

नागार्जुन जी दव्ारा रचित उन्होंने अपनी कविताओं में किस का चित्रांकन किया है?

Question number: 1952

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नागार्जुन दव्ारा रचित काव्यों में पीड़ा का अधिक महत्व क्यों है?

Explanation

बचपन दुखों में व्यतीत होने के कारण ही उनके काव्य में पीड़ा का अधिक महत्व है।

क्योंकि-कवि के जीवन में अपार दुख होने से वह किसी न किसी माध्यम से उसे व्यक्त अवश्य करता हैं।

”प्रख्यात कवि नागार्जुन जी के हृदय में शोषित व दलित वर्ग के प्रति अपार संवेदना… (195 more words) …

Passage

सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’

Question number: 1953 (1 of 40 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी की भाषा किस रूप से परिपूर्ण है?

Question number: 1954 (2 of 40 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी के दव्ारा रचित रेखाचित्र में कौनसी रचनाएँ है?

Explanation

निराला जी के दव्ारा रचित रेखाचित्र में कुल्ली भाट, बिल्ले सुर, बकरिहा। रचनाएँ है।

क्योंकि-इन कवि की रेखाचित्र की रचनाएँ भी खूब रौचक हैं। जो कवि की प्रमुख रेखाचित्र है।

साहित्यक रचनाएँ- निराला जी एक महान साहित्यकार थे। उनका गद्य और काव्य दोनों ही विधाओं पर समान अधिकार था। उनकी… (48 more words) …

Question number: 1955 (3 of 40 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी दव्ारा रचित कविताएँ किन विचार धाराओं से ओत प्रोत हैं?

Explanation

निराला जी दव्ारा रचित उनकी कविताएँ छायावादी, रहस्यवादी तथा प्रगतिवादी विचार धाराओं से ओत प्रोत हैं।

क्योंकि-ताकि उपरोक्त विचार धाराएँ आगे सबको प्रेरित कर सके।

”महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि निराला ही थे। जिनके काव्यों में… (205 more words) …

Question number: 1956 (4 of 40 Based on Passage) Show Passage

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”महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि कौन थे?

Explanation

”महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि निराला ही थे।

क्योंकि-हिंदी साहित्य को आगे बढ़ाने के लिए कोई न कोई महापुरूष आते ही रहेे है।

”महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक… (217 more words) …

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