CBSE (Central Board of Secondary Education- Board Exam) Class-10 Hindi: Questions 1921 - 1934 of 2295

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Passage

(1)

बादल, गरजो! -

घेर घेर घोर गगन, धाराधर ओ!

ल्लित ललित, काले घुँघराले,

बाल कल्पना के से पाले,

विद्युत-छबि उर में, कवि, नवजीवन वाले!

वज्र, छिपा, नूतन कविता

फिर भर दो-

बादल, गरजो!

Question number: 1921 (3 of 5 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नह

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प्रस्तुत पद्यांश किस कवि के गीत से लिया गया है?

Question number: 1922 (4 of 5 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नह

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कवि निराला जी दव्ारा रचित प्रस्तुत पद्यांश में कवि ने बादल का आह्‌वान करते हुए क्या कहा है?

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… (1456 more words) …

Question number: 1923 (5 of 5 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नह

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कवि निराला जी दव्ारा रचित प्रस्तुत पद्यांश के शिल्प-सौंदर्य क्या हैं?

Explanation

… (1117 more words) …

Question number: 1924

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » जयशंकर प्रसाद आत्मकथ्य

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जयशंकर प्रसाद जी दव्ारा रचित उन्होंने अपनी रचनाओं में किसका गम्भीरता से वर्णन किया है?

Explanation

… (735 more words) …

Question number: 1925

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » नागार्जुन यह दंतुरित मुसकान, फसल

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नागार्जुन जी स्वभाव कैसा था?

Explanation

… (1319 more words) …

Question number: 1926

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » नागार्जुन यह दंतुरित मुसकान, फसल

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नागार्जुन दव्ारा रचित काव्यों में और किस-किसका रूप देखने को मिलता हैं?

Question number: 1927

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » नागार्जुन यह दंतुरित मुसकान, फसल

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शिक्षा ग्रहण करने के बाद नागार्जुन को कहां जाने का भी अवसर मिला?

Explanation

… (1397 more words) …

Question number: 1928

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » जयशंकर प्रसाद आत्मकथ्य

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Describe in Detail

जयशंकर प्रसाद जी को किसका प्रवर्तक माना जाता है?

Explanation

… (657 more words) …

Question number: 1929

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » नागार्जुन यह दंतुरित मुसकान, फसल

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Write in Short

नागार्जुन जी दव्ारा रचित काव्यों में ओर किसका चित्रण हुआ है?

Passage

अट नहीं रही है

(1)

अट नहीं रही है

आभा फागुन की तन

सट नहीं रही है।

(2)

कहीं साँस लेेते हो,

घर-घर भर देते हो,

उड़ने को नभ में तुम

पर-पर कर देते हो,

आँख हटाता हूँ तो

हट नहीं रही है।

(3)

पत्तों से लदी डाल

कहीं हरी, कहीं लाल,

कहीं पड़ी है उर में

मंद-गंध- पुष्प-माल,

पाट-पाट शोभा-श्री

पट नहीं रही है।

Question number: 1930 (1 of 9 Based on Passage) Show Passage

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अभिव्यक्ति पक्ष से क्या तात्पर्य है?

Question number: 1931 (2 of 9 Based on Passage) Show Passage

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अनुभूति से तात्पर्य किससे हैं?

Question number: 1932 (3 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Write in Brief

काव्य के दो पक्ष कौन-कौन से होते है?

Question number: 1933 (4 of 9 Based on Passage) Show Passage

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प्रस्तुत कविता में कवि ने प्रकृति की व्यापकता का वर्णन किन रूपों में किया है?

Question number: 1934 (5 of 9 Based on Passage) Show Passage

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छायावाद की एक खास विशेषता है अंतर्मन के भावों का बाहर की दुनिया से सामंजस्य बिठाना। कविता की किन पंक्तियों को पढ़कर यह धारणा पुष्ट होती है? लिखिए।

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