CBSE (Central Board of Secondary Education- Board Exam) Class-10 Hindi: Questions 1605 - 1615 of 2295

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Passage

(2)

विकल विकल, उन्मन थे उन्मन

विश्व के निदाघ के सकल जन,

आए अज्ञात दिशा से अनंत के घन!

तप्त धरा, जल से फिर

शीतल कर दो-

बादल, गरजो!

Question number: 1605 (4 of 10 Based on Passage) Show Passage

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Describe in Detail

निराला जी दव्ारा रचित प्रस्तुत पद्यांश में कवि ने बादलों को कहाँ पर आने के लिए छा जाने को कह रहा है?

Explanation

हे बादल! तुम तेज ध्वनि करते हुए आकाश में मंडरा जाओ अर्थात कवि बादलों को घोर गर्जना करते हुए आकाश मण्डल में छा जाने को कह रहा है।

क्योंकि-ताकि वह रिमझिम बरसात करके पृथ्वी वासियों की गर्मी की तपन को शीतलता प्रदान कर सके।

प्रसंग- निराला जी दव्ारा रचित प्रस्तुत

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Question number: 1606 (5 of 10 Based on Passage) Show Passage

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Describe in Detail

कवि निराला जी दव्ारा रचित प्रस्तुत पद्यांश में कवि ने जीवन को किन रूपों में देखा है?

Explanation

कवि ने जीवन को व्यापक और समग्र दोनों रूपों में देखा है।

क्योंकि-जीवन में दुख व सुख दोनों ही रूप होते है जिनकी कारण से जीवन चलता है।

प्रसंग- निराला जी दव्ारा रचित प्रस्तुत पद में यहाँ कवि ने बादल को नई कल्पना, सोच और नये अंकुर (नवजात शिशु) अर्थात

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Question number: 1607 (6 of 10 Based on Passage) Show Passage

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कवि निराला जी दव्ारा रचित प्रस्तुत पद्यांश के अनुसार कवि का क्या उद्देश्य है?

Explanation

प्रस्तुत पद्यांश के अनुसार कवि का यह उद्देश्य है कि विश्व में होने वाली सामाजिक क्रांतियों से बैचेन और अनमने लोगों को दिलासा देना ही साहित्यकार का उद्देश्य होता है।

क्योंकि-हर व्यक्ति का जीवन में कोई न कोई उद्देश्य अवश्य होता है तभी वह अपनी मंजिल तक पहुँच पाता है।

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Question number: 1608 (7 of 10 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी दव्ारा रचित प्रस्तुत पद्यांश में कवि के अनुसार संसार के संपूर्ण मानव-समुदाय में बदलाव के कारण कैसा वातावरण बना हुआ था?

Explanation

मनुष्य-समुदाय अर्थात प्राणियों में परिवर्तन के परिणामस्वरूप बैचनी और अनमनी परिस्थितियों का माहौल बना हुआ था।

क्योंकि-गर्मी के कारण पृथ्वी का हर इंसान बैचेन है।

प्रसंग- निराला जी दव्ारा रचित प्रस्तुत पद में यहाँ कवि ने बादल को नई कल्पना, सोच और नये अंकुर (नवजात शिशु) अर्थात नया जीवन के

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Question number: 1609 (8 of 10 Based on Passage) Show Passage

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Describe in Detail

निराला जी दव्ारा रचित प्रस्तुत पद्यांश में कवि के अनुसार संसार के सभी लोग केसे हो रहे थे।

Explanation

संसार के सभी लोग गर्मी के कारण बैचेन और अनमने हो रहे थे।

क्योंकि-कवि के अनुसार उस संसार में अत्यधिक गर्मी है।

प्रसंग- निराला जी दव्ारा रचित प्रस्तुत पद में यहाँ कवि ने बादल को नई कल्पना, सोच और नये अंकुर (नवजात शिशु) अर्थात नया जीवन के लिए देने के

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Question number: 1610 (9 of 10 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी दव्ारा रचित प्रस्तुत पद्यांश में कवि ने बादल को क्या बताया है?

Explanation

निराला जी दव्ारा रचित प्रस्तुत पद में यहाँ कवि ने बादल को नई कल्पना, सोच और नये अंकुर (नवजात शिशु) अर्थात नया जीवन के लिए देने के लिए और विनाश, विप्लव और चमक उत्पन्न को संभव करने वाला बताया है।

क्योंकि-बादल लोगों के मन एक जोश भर देता है।

प्रसंग-

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Question number: 1611 (10 of 10 Based on Passage) Show Passage

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Describe in Detail

निराला जी दव्ारा रचित प्रस्तुत पद्यांश में कवि के अनुसार साहित्यकार किन की रचनाओं के माध्यम से लोगों को क्या प्रेरित करें?

Explanation

साहित्यकार अपनी रचनाओं के माध्यम से लोगों को इस प्रकार से प्रेरित करें कि संसार में विचारों की मतभेदों व अनभन से होने वाली क्रांतियों (लड़ाई) का वातावरण शांत हो जाए।

क्योंकि-ताकि संसार के सभी लोग सुखपूर्वक रह सके।

प्रसंग- निराला जी दव्ारा रचित प्रस्तुत पद में यहाँ कवि ने

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Question number: 1612

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Describe in Detail

जयशंकर प्रसाद जी दव्ारा रचित काव्यों ग्रन्थों के नाम क्या-क्या है?

Explanation

उनके दव्ारा रचित काव्यों ग्रन्थों के नाम निम्न है-कानून कुसुम, चित्राधार, झरना, आँसू, लहर, महाराणा का महत्त्व, कामायनी।

क्योंकि-कवि के काव्य की गिनती के साथ उनके नाम भी मिल जाते हैं।

प्रमुख रचनाएँ-हिंदी साहित्यकार के रूप में प्रसाद जी की प्रतिभा बहुमुखी है। उन्होंने कुल 27 कृतियों की रचना की

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Question number: 1613

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Describe in Detail

जयशंकर प्रसाद जी की किस उम्र में उनकी माता व भाई की मृत्यु हो गई है?

Explanation

जब वे 15 वर्ष के थे तब उनकी माताजी का और 17 वर्ष की आयु में बड़े भाई स्वर्गवास हो गया।

क्योंकि-हर व्यक्ति की मृत्यु भी भगवान के दव्ारा तय होती हैं।

”छायावाद के श्रेष्ठ कवि जयशंकर प्रसाद एक ऐसे विलक्षण एवं विराट व्यक्तित्व को लेकर अवतरित हुए थे, जिसमें

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Question number: 1614

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Describe in Detail

नागार्जुन जी अपने परिवार और मित्रों मेें किस नाम से प्रसिद्ध थे?

Explanation

वे अपने परिवार और मित्रों में नागा बाबा के नाम से प्रसिद्ध थे।

क्योंकि-उपरोक्त नाम उनके घर वालों व मित्रों ने प्यार से रखा था।

”प्रख्यात कवि नागार्जुन जी के हृदय में शोषित व दलित वर्ग के प्रति अपार संवेदना देखने को मिलती है। उन्होंने अपनी कविताओं में पीड़ित व

… (185 more words) …

Question number: 1615

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नागार्जुन दव्ारा रचित यात्री नामक काव्य-रचना को वे किस भाषा में लिखा करते थे?

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