CBSE (Central Board of Secondary Education- Board Exam) Class-10 Hindi: Questions 1487 - 1497 of 2295

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Passage

सवैया

पांयनि नूपुर मंजु बजैं, कटि किंकिन कै धुनि की मधुराई।

सांवरे अंग लसै पट पीत, हिये हुलसै बनमाल सुहाई।

माथे किरीट बड़े दृग चंचल, मंद हँसी मुखचंद जुन्हाई।

जै जग-मंदिर-दीपक सुदंर, श्रीब्रजदूलह ’देव’ सहाई।।

Question number: 1487 (8 of 9 Based on Passage) Show Passage

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देव कवि द्वारा रचित प्रस्तुत पद्यांश में कृष्ण के हृदय पर क्या सुशोभित हो रहा है?

Question number: 1488 (9 of 9 Based on Passage) Show Passage

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देव जी दव्ारा रचित उपर्युक्त प्रसंग का भाव सौंदर्य क्या है?

Question number: 1489

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माथुर जी कौनसे युग के कवि है?

Question number: 1490

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तुलसीदास जी को बचपन में किस नाम से जाना जाता था?

Passage

(2)

तारसप्तक में जब बैठने लगता है उसका गला

प्रेरणा साथ छोड़ती हुई उत्साह अस्त होता हुआ

आवाज़ से राख जैसा कुछ गिरता हुआ

तभी मुख्य गायक को ढाँढस बंधाता

कहीं से चला आता है संगतकार का स्वर

कभी-कभी वह यों ही देता है उसका साथ

यह बताने के लिए कि वह अकेला नहीं है

और यह कि फिर से गाया जा सकता है

गाया जा चुका राग

और उसकी आवाज़ में जो हिचक साफ़ सुनाई देती है

या अपने स्वर को ऊँचा न उठाने की जो कोशिश है

उसे विफलता नहीं

उसकी मनुष्यता समझा जाना चाहिए।

Question number: 1491 (1 of 8 Based on Passage) Show Passage

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प्रस्तुत प्रसंग के शिल्प-सौंदर्य कौन-कौन से है?

Question number: 1492 (2 of 8 Based on Passage) Show Passage

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कवि मंगलेश डबराल द्वारा रचित प्रस्तुत प्रसंग की व्याख्या में संगतकार ने किस काम का प्रयास नहीं किया है?

Question number: 1493 (3 of 8 Based on Passage) Show Passage

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कवि मंगलेश डबराल द्वारा रचित प्रस्तुत प्रसंग की व्याख्या में मुख्य गायक को सांत्वना देने के लिए संगतकार का स्वर कौनसी दिशा से आता है?

Question number: 1494 (4 of 8 Based on Passage) Show Passage

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कवि मंगलेश डबराल द्वारा रचित प्रस्तुत प्रसंग की व्याख्या में संगतकार की आवाज़ में स्पष्ट रूप से क्या पता चल रहा है?

Question number: 1495 (5 of 8 Based on Passage) Show Passage

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कवि मंगलेश डबराल द्वारा रचित प्रस्तुत प्रसंग की व्याख्या में संगतकार की मानवीय भावना कैसी है?

Question number: 1496 (6 of 8 Based on Passage) Show Passage

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कवि मंगलेश डबराल द्वारा रचित प्रस्तुत प्रसंग के भाव-सौंदर्य क्या हैं?

Question number: 1497 (7 of 8 Based on Passage) Show Passage

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कवि मंगलेश डबराल द्वारा रचित प्रस्तुत प्रसंग में संगतकार किस प्रकार से मुख्य गायक को सफल बना देते हैं?

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