CBSE Class-10 Hindi: Questions 1469 - 1480 of 2295

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Passage

सवैया

पांयनि नूपुर मंजु बजैं, कटि किंकिन कै धुनि की मधुराई।

सांवरे अंग लसै पट पीत, हिये हुलसै बनमाल सुहाई।

माथे किरीट बड़े दृग चंचल, मंद हँसी मुखचंद जुन्हाई।

जै जग-मंदिर-दीपक सुदंर, श्रीब्रजदूलह ’देव’ सहाई।।

कवित्त

डार द्रुम पलना बिछौना नव पल्लव के,

सुमन झिंगूला सोहै तन छबि भारी दै।

पवन झूलावै, केकी-कीर बरतावैं ’देव’

कोकिल हलावै-हलसावै कर तारी दै।।

पूरित पराग सों उतारो करै राई नोन,

कंजकली नायिका लतान सिर सारी दै।

मदन महीप जू को बालक बसंत ताहि,

प्रातहि जगावत गुलाब चटकारी दै।।

कवित्त

फटिक सिलानि सौं सुधार्‌यों सुधा मंदिर,

उदधि दधि को सो अधिकाइ उमगे अमंद।

बाहर ते भीतर लौं भीति न दिखैए ’देव’

दूध को सो फेन फैल्यों आंगन फरसबंद।

तारा सी तरुनि तामें ठाढ़ी झिलमिली होति,

मोतिन की ज्योति मिल्यो मल्लिका को मकरंद।

आरसी से अंबर में आभा सी उजारी लगै,

प्यारी राधिका को प्रतिबिंब सो लगत चंद।।

Question number: 1469 (3 of 13 Based on Passage) Show Passage

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चाँदनी रात की सुदंरता को कवि ने किन-किन रूपों में देखा है?

Question number: 1470 (4 of 13 Based on Passage) Show Passage

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आप अपने घर की छत से पूर्णिमा की रात देखिए तथा उनके सौंदर्य का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।

Question number: 1471 (5 of 13 Based on Passage) Show Passage

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निम्नलिखित पक्तिंयों का काव्य -सौंदर्य स्पष्ट कीजिए-

Question number: 1472 (6 of 13 Based on Passage) Show Passage

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कवि ने ’श्री ब्रजदूलह’ किसके लिए प्रयुक्त किया है और उन्हें संसार रूपी मंदिर का दीपक क्यों कहा है?

Question number: 1473 (7 of 13 Based on Passage) Show Passage

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पहले सवैये में से उन पक्तिंयों को छाँटकर लिखिए, जिनमें अनुप्रास और रूपक अलंकार का प्रयोग हुआ है?

Question number: 1474 (8 of 13 Based on Passage) Show Passage

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पठित कविताओं के आधार पर कवि देव की काव्यगत विशेषताएँ बताइए।

Question number: 1475 (9 of 13 Based on Passage) Show Passage

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कवित्त किसे कहते है?

Question number: 1476 (10 of 13 Based on Passage) Show Passage

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भारतीय ऋतु चक्र में कितनी ऋतुएँ मानी गई हैं, वे कौन-कौन सी हैं?

Question number: 1477 (11 of 13 Based on Passage) Show Passage

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’प्रातहि जगावत गुलाब चटकारी दै’-इस पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए।

Question number: 1478 (12 of 13 Based on Passage) Show Passage

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’ग्लोबल वार्मिंग’ के कारण ऋतुओं में क्या परिवर्तन आ रहे हैं? इस समस्या से निपटने के लिए आपकी क्या भूमिका हो सकती हैं?

Question number: 1479 (13 of 13 Based on Passage) Show Passage

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तीसरे कवित्त के आधार पर बताइए कि कवि ने चाँदनी रात की उज्ज्वलता का वर्णन करने के लिए किन-किन उपमानों का प्रयोग किया है?

Passage

सवैया

पांयनि नूपुर मंजु बजैं, कटि किंकिन कै धुनि की मधुराई।

सांवरे अंग लसै पट पीत, हिये हुलसै बनमाल सुहाई।

माथे किरीट बड़े दृग चंचल, मंद हँसी मुखचंद जुन्हाई।

जै जग-मंदिर-दीपक सुदंर, श्रीब्रजदूलह ’देव’ सहाई।।

Question number: 1480 (1 of 9 Based on Passage) Show Passage

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देव जी दव्ारा रचित उपर्युक्त प्रसंग के शिल्प सौंदर्य क्या है?

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